बाबा रामदेव: ऊर्जा संकट पर हमें गंभीरता से विचार करना होगा
सारांश
Key Takeaways
- ऊर्जा संकट पर गंभीर विचार की आवश्यकता है।
- सिंथेटिक दवाओं का बहिष्कार करने का सुझाव।
- राजनीतिक उन्माद के बीच पीएम मोदी का संयमित व्यवहार।
- चिकित्सा में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा।
- जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए सरकार की चिंता।
नई दिल्ली, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण ऊर्जा संकट उत्पन्न हो गया है। पहले जब अकाल की आशंका होती थी, तब हम अनाज का भंडारण करते थे, लेकिन अब हमें ऊर्जा के भंडारण के लिए गंभीरता से विचार करना होगा।
उन्होंने बताया कि हम चिकित्सा पर 25 से 30 लाख रुपये खर्च करते हैं। सिंथेटिक दवाइयां और सिंथेटिक पेन किलर के सेवन से लोगों के शरीर में कई गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं, जैसे ब्रेन स्टोक, हार्ट अटैक, लिवर-किडनी फेलियर और कैंसर।
उन्होंने यह भी कहा कि हमारा उद्देश्य है कि देश सिंथेटिक दवाओं का बहिष्कार करे। ड्रग माफिया और मेडिकल माफिया के कारण चिकित्सा के क्षेत्र में गहरा घोटाला हो रहा है। इसे समाप्त होना चाहिए, और हमें अपनी भारतीय चिकित्सा परंपरा को पुनर्स्थापित करना चाहिए। शिक्षा के नाम पर लोगों से 25 से 30 लाख करोड़ रुपये लूटे जा रहे हैं, जिससे 25-30 साल
बाबा रामदेव ने कहा कि पूरी दुनिया में एक राजनीतिक उन्माद फैल रहा है। इस स्थिति में पीएम मोदी धैर्य से कार्य कर रहे हैं। सरकार बहुत संयम से स्थिति को संभाल रही है, और यही एक जिम्मेदार राष्ट्र का कर्तव्य है। यदि भारत किसी एक पक्ष का समर्थन करता है, तो यह देश के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। इसलिए, वर्तमान में वे राजनीतिक अपरिपक्वता का परिचय दे रहे हैं। यह नाजुक समय है। पीएम मोदी जो भी कदम उठा रहे हैं, वे उचित हैं। अमेरिका इस युद्ध को लंबा नहीं खींचेगा।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार आम लोगों को परेशानियों से बचाने के लिए गंभीरता से चिंतित है। कुछ लोग इस समय एलपीजी का जमाखोरी कर रहे हैं।