बांका दोहरे हत्याकांड का मुख्य शूटर सचिन सिंह रांची से गिरफ्तार, एनकाउंटर में पैर में लगी गोली
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के बलिया गाँव में 5 जुलाई को हुए दोहरे हत्याकांड के मुख्य शूटर सचिन सिंह को बिहार पुलिस ने झारखंड की राजधानी रांची के एक होटल से गिरफ्तार किया। हथियार बरामदगी के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (JLNMCH) में रेफर किया गया है।
घटनाक्रम: कैसे हुई गिरफ्तारी
बांका के पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने शनिवार को बताया कि दोहरे हत्याकांड के तुरंत बाद मामले की जाँच के लिए एक विशेष जाँच एवं छापेमारी दल गठित किया गया था। इस दल ने घटना के 72 घंटे के भीतर एक आरोपी सोमनाथ सिंह को हिरासत में ले लिया। इसके बाद लगातार जारी छापेमारी के दौरान शुक्रवार को रांची स्थित एक होटल से मुख्य अभियुक्त सचिन सिंह को दबोच लिया गया।
जंगल में हथियार बरामदगी के दौरान फायरिंग
एसपी अमितेश कुमार के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में सचिन सिंह ने स्वीकार किया कि वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल उसने बलिया गाँव के जंगल में छिपा रखी है। पुलिस टीम उसे हथियार बरामद कराने के लिए मौके पर ले गई। जंगल में पहुँचते ही आरोपी ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की कर खुद को छुड़ाने की कोशिश की और छिपाई हुई पिस्तौल निकालकर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी।
आरोपी का इलाज और कानूनी कार्रवाई
घायल सचिन सिंह को तत्काल बांका सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (JLNMCH) रेफर कर दिया। एसपी ने बताया कि सचिन सिंह को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है और उसका लंबा आपराधिक इतिहास है — उसके विरुद्ध पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
जाँच का दायरा और आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, पूरे दोहरे हत्याकांड की साजिश, अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जाँच जारी है। फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में अपराध नियंत्रण को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा हुआ है।