क्या बाराबंकी में एबीवीपी के खिलाफ लाठीचार्ज का मामला बढ़ता जाएगा?
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ, 5 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय के एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज का मामला बढ़ता जा रहा है। इस लाठीचार्ज के खिलाफ एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का आयोजन किया।
मऊ में एबीवीपी ने शहर के आर्य समाज मंदिर से मिर्जाहादीपुरा तक एक मसाल जुलूस निकाला। इस दौरान प्रतिभागी छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
जिला संगठन मंत्री ज्ञान प्रसाद ने राष्ट्र प्रेस को बताया, "एक सितंबर को श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय बाराबंकी में एबीवीपी के छात्रों ने एक बड़ा आंदोलन किया। विश्वविद्यालय प्रशासन एलएलबी के कोर्स में छात्रों का एडमिशन लेता है, जबकि बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस एडमिशन को एक साल पहले ही रद्द कर दिया था। प्रशासन विद्यार्थियों को बहला-फुसला कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा था, जिसके विरोध में एबीवीपी ने बड़ा आंदोलन किया। लेकिन प्रशासन ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। हम उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।"
लखीमपुरी खीरी और जौनपुर में भी एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर मसाल जुलूस निकाला। जौनपुर में जुलूस तिलक धारी सिंह महाविद्यालय के उत्तरी गेट से जेसीज चौराहे तक निकाला गया। एबीवीपी ने चार प्रमुख मांगें रखी हैं- पहली, लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो, दूसरी, पिछले तीन साल से चल रही अनियमितताओं की जांच हो, तीसरी, दर्ज मुकदमे पर त्वरित कार्रवाई की जाए, चौथी, विश्वविद्यालय द्वारा कथित रूप से 6 बीघा जमीन के अवैध कब्जे की जांच हो। एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि मांगें न मानी गईं तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
कानपुर में भी एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने कहा कि बाराबंकी में पुलिस ने उनके कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया और वे इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। ये विरोध प्रदर्शन पूरे राज्य में जारी हैं।"
एबीवीपी प्रदेश मीडिया संयोजक दिनेश यादव ने कहा, "रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय में अनियमितताओं के खिलाफ एबीवीपी लगातार विरोध कर रही है। पुलिस ने छात्रों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया।"
बाराबंकी में भी प्रदर्शन जारी रहा। कार्यकर्ताओं ने कहा, "हमारे कार्यकर्ताओं को बेरहमी से पीटा गया, जिसमें कई गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।" उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो छात्र आंदोलन को और तेज करेंगे।