23 अक्टूबर 2026
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पंजाब विधानसभा: विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर घेरा, कैबिनेट मंत्री गोयल बोले — 'सिर्फ राजनीति हो रही है'

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पंजाब विधानसभा: विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर घेरा, कैबिनेट मंत्री गोयल बोले — 'सिर्फ राजनीति हो रही है'

सारांश

पंजाब विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सदन के बाहर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने। विपक्षी विधायकों ने गुरदासपुर डकैती, ग्रेनेड हमले और अबोहर हत्याकांड के हवाले से मुख्यमंत्री का इस्तीफा माँगा, जबकि कैबिनेट मंत्री गोयल ने इसे 'महज़ राजनीति' बताकर खारिज किया।

मुख्य बातें

पंजाब विधानसभा सत्र के दूसरे दिन, 23 अक्टूबर 2026 को सदन के बाहर विपक्ष और सत्तापक्ष में तीखी नोकझोंक हुई।
कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने विपक्ष के धरने को 'हमदर्दी नहीं, सिर्फ राजनीति' करार दिया।
BJP विधायक अश्वनी शर्मा ने लुधियाना, होशियारपुर की घटनाओं का हवाला देते हुए राज्य में भू-माफिया, माइनिंग माफिया और ड्रग माफिया के हावी होने का आरोप लगाया।
गुरदासपुर में ₹12 करोड़ की डकैती और ग्रेनेड हमलों में घायल पीड़ितों का विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा ने ज़िक्र किया।
विपक्षी विधायकों ने बिगड़ती कानून-व्यवस्था और अधूरे वादों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की माँग की।

पंजाब विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन, 23 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में सदन के बाहर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी रही। जहाँ भगवंत मान सरकार ने विपक्षी दलों पर निराधार राजनीति का आरोप लगाया, वहीं विपक्षी विधायकों ने राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, गैंगस्टरों के बढ़ते प्रभाव और अधूरे वादों को लेकर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की माँग तक कर डाली।

मंत्री गोयल की विपक्ष को दो-टूक

पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने विधानसभा परिसर के बाहर विपक्ष के धरना-प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास सदन में उठाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वह बेमतलब के मसले उछाल कर समय बर्बाद कर रहा है।

अबोहर में हुए अजय हत्याकांड में न्याय की माँग को लेकर मृतक की माँ और परिजनों को विधानसभा परिसर के बाहर लाकर धरना दिलवाने के विपक्षी कदम पर गोयल ने कहा, 'यह हमदर्दी की आवाज़ उठाना नहीं है, बल्कि सिर्फ राजनीति है। अगर सच में हमदर्दी है तो उन लोगों के घर जाकर उनके साथ खड़े हों — यहाँ सदन में लाकर सिर्फ राजनीति की जा रही है।' उन्होंने विपक्ष को यह भी याद दिलाया कि वे उन राज्यों की कानून-व्यवस्था का हाल भी बताएँ जहाँ उनकी अपनी सरकारें हैं।

विपक्ष के गंभीर आरोप

पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पठानकोट से विधायक अश्वनी शर्मा ने सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधीकरण चरम पर है और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।

शर्मा ने कहा, 'लुधियाना की घटना देखिए, होशियारपुर में एक व्यक्ति दुकान पर बैठा है और आठ-दस लोग आकर हमला करके चले जाते हैं। आज पंजाब में सरकार नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में भू-माफिया, माइनिंग माफिया और ड्रग माफिया हावी हैं, और ड्रग के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को दबाया जाता है।

इस्तीफे की माँग और गंभीर घटनाओं का ज़िक्र

अन्य विपक्षी विधायकों ने बिगड़ती कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की माँग की। विधायकों ने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों की कर्ज़ माफी का वादा पूरा नहीं किया और मुख्यमंत्री आवास रिश्वतखोरी का अड्डा बन गया है — हालाँकि इन आरोपों को सत्तापक्ष ने सिरे से खारिज किया।

गुरदासपुर से विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा ने विशिष्ट घटनाओं का हवाला दिया। उनके अनुसार गुरदासपुर में ₹12 करोड़ की डकैती हुई, ग्रेनेड हमलों में कई लोग घायल हुए और एक व्यक्ति की आँख की रोशनी चली गई। पाहड़ा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री न तो पीड़ितों के घर गए और न ही कोई मुआवज़ा दिया गया।

सरकार का पलटवार

सत्तापक्ष की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि जहाँ भी कोई अपराधिक घटना होती है, कानून अपना काम करता है और करता रहेगा। मंत्री गोयल ने विपक्ष के विरोध को 'सस्ती राजनीति' करार देते हुए कहा कि सदन के पटल को भाषणबाजी और भ्रम फैलाने के मंच के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब विधानसभा सत्र में कई अहम विधेयकों पर चर्चा होनी है और सरकार पर विपक्ष का दबाव बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पहले ही कई मोर्चों पर विपक्ष के निशाने पर है। सत्र के शेष दिनों में सदन के भीतर और बाहर टकराव और तेज़ होने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ग्रेनेड हमले और अबोहर हत्याकांड जैसी घटनाओं पर सरकार ने पीड़ितों तक पहुँचने में कितनी देरी की — इसका जवाब 'विपक्ष भी बताए अपने राज्यों का हाल' जैसी प्रतिवाद-शैली से नहीं मिलता। AAP के लिए खतरा यह है कि अगर सदन के भीतर भी ये मुद्दे उठे तो व्यवस्थित जवाब देना और कठिन हो जाएगा।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब विधानसभा सत्र में विपक्ष ने कौन-से मुद्दे उठाए?
विपक्षी विधायकों ने अबोहर हत्याकांड, गुरदासपुर में ₹12 करोड़ की डकैती, ग्रेनेड हमले और लुधियाना-होशियारपुर की आपराधिक घटनाओं का हवाला देते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। इसके साथ ही भू-माफिया, माइनिंग माफिया और ड्रग माफिया के बढ़ते प्रभाव का भी मुद्दा उठाया गया।
कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने विपक्ष के धरने पर क्या कहा?
मंत्री गोयल ने कहा कि विपक्ष अबोहर हत्याकांड के पीड़ित परिजनों को विधानसभा परिसर लाकर हमदर्दी नहीं, बल्कि राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सच में हमदर्दी है तो पीड़ितों के घर जाकर आवाज़ उठाएँ।
अश्वनी शर्मा ने पंजाब सरकार पर क्या आरोप लगाए?
पठानकोट से BJP विधायक अश्वनी शर्मा ने कहा कि पंजाब में अपराधीकरण बढ़ गया है, गैंगस्टर खुलेआम घूम रहे हैं और सरकार पूरी तरह असहाय नज़र आ रही है। उन्होंने भू-माफिया, माइनिंग माफिया और ड्रग माफिया के हावी होने का भी आरोप लगाया।
गुरदासपुर से विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा ने कौन सी घटनाएँ उठाईं?
विधायक पाहड़ा ने बताया कि गुरदासपुर में ₹12 करोड़ की डकैती हुई और ग्रेनेड हमलों में कई लोग घायल हुए, जिनमें एक व्यक्ति की आँख की रोशनी चली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री न तो पीड़ितों के घर गए और न ही कोई मुआवज़ा दिया गया।
पंजाब विधानसभा सत्र में आगे क्या होने की संभावना है?
सत्र के शेष दिनों में विपक्ष द्वारा कानून-व्यवस्था, कर्ज़ माफी और अधूरे वादों पर सदन के भीतर और बाहर दबाव बनाए रखने की आशंका है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तीखा होने के संकेत हैं।
राष्ट्र प्रेस
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