पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस अस्पताल में भर्ती, सीने में दर्द के बाद हालत स्थिर
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष रथिंद्र बोस को शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2026 की रात सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, समय पर इलाज शुरू होने से उनकी स्थिति धीरे-धीरे स्थिर हो रही है और वे अभी डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
घटनाक्रम: कैसे पहुँचे अस्पताल
विधानसभा अध्यक्ष बोस ने शुक्रवार को विधानसभा परिसर में गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित दो कार्यक्रमों में भाग लिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दिनभर अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों में भी हिस्सेदारी की। घर लौटने के तुरंत बाद उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द उठा, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें तत्काल पूर्वी कोलकाता स्थित ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाईपास के निकट एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया।
स्वास्थ्य स्थिति: डॉक्टरों की निगरानी जारी
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, भर्ती होने के बाद चिकित्सकों ने विधानसभा अध्यक्ष के कई परीक्षण किए। सही समय पर उपचार शुरू होने की वजह से उनकी शारीरिक स्थिति में क्रमशः सुधार देखा जा रहा है। फिलहाल वे डॉक्टरों की देखरेख में हैं और उनकी हालत लगभग स्थिर बताई जा रही है।
रथिंद्र बोस: पहचान और राजनीतिक सफर
पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट रथिंद्र बोस 2026 के विधानसभा चुनावों में कूचबिहार दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक निर्वाचित हुए। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार अभिजीत भौमिक को 23,000 से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पश्चिम बंगाल में सरकार बनने के बाद मई 2026 में उन्हें सर्वसम्मति से सदन का अध्यक्ष चुना गया।
गौरतलब है कि रथिंद्र बोस उत्तर बंगाल के किसी विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा अध्यक्ष बनने वाले पहले विधायक हैं। वे लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे और बाद में BJP के साथ सक्रिय राजनीति में आए। उनके अध्यक्ष बनने से पश्चिम बंगाल विधानसभा को लंबे अरसे बाद एक ऐसा स्पीकर मिला जो कानूनी पेशे से नहीं था।
हालिया गतिविधियाँ और विधायी दृष्टि
बोस ने हाल ही में अटलांटा का दौरा किया, जहाँ उन्होंने वहाँ बसे बंगाली समुदाय के साथ पश्चिम बंगाल के आर्थिक विकास, निवेश की संभावनाओं और शिक्षा क्षेत्र में सुधार पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरे में उन्होंने अधिक सार्थक विधायी बहसों को बढ़ावा देने और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच लोकतांत्रिक संवाद के लिए अनुकूल वातावरण निर्मित करने पर भी अपने विचार साझा किए।
आगे क्या
विधानसभा अध्यक्ष की सेहत को लेकर राजनीतिक हलकों में चिंता है। डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी है और आने वाले समय में उनके स्वास्थ्य में और सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा के अन्य सदस्यों और सरकारी प्रतिनिधियों की ओर से शीघ्र स्वस्थ होने की कामनाएँ व्यक्त की जा रही हैं।