सागरदिघी विधायक बायरन बिस्वास धुलियान में आग से गंभीर रूप से झुलसे, मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की सागरदिघी विधानसभा सीट के मौजूदा विधायक बायरन बिस्वास शनिवार, 3 अक्टूबर को मुर्शिदाबाद जिले के धुलियान स्थित अपने आवास में भड़की आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उनकी हालत अभी भी नाज़ुक बनी हुई है।
घटनाक्रम: कैसे लगी आग
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस समय आवास में आग भड़की, उस वक्त बिस्वास घर के अंदर ही मौजूद थे। आग लगने के तत्काल बाद उन्हें उनके स्वामित्व वाले नज़दीकी नर्सिंग होम में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
जाँच और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
पुलिस और राज्य अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुँचकर जाँच शुरू कर दी है। सागरदिघी और धुलियान में घटना की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में लोग विधायक के आवास के बाहर एकत्र हो गए और चिंता का माहौल बन गया। अधिकारियों के अनुसार, जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही आग के कारणों पर कोई ठोस बात कही जा सकेगी।
सरकार की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि वह बिस्वास की चिकित्सकीय स्थिति पर नज़र रख रहे हैं। उन्होंने विधायक को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के आवश्यक निर्देश देने की भी बात कही।
बायरन बिस्वास: राजनीतिक पृष्ठभूमि
बायरन बिस्वास ने पहली बार 2023 के सागरदिघी उपचुनाव में माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के समर्थन से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी। जीत के कुछ समय बाद वह तत्कालीन पार्टी महासचिव और डायमंड हार्बर लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी की उपस्थिति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हो गए, हालाँकि आधिकारिक रिकॉर्ड में वह 2026 तक कांग्रेस विधायक ही बने रहे।
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC ने उन्हें सागरदिघी से उम्मीदवार बनाया और उन्होंने भाजपा उम्मीदवार तपस कुमार चक्रवर्ती को 34,260 मतों के अंतर से पराजित किया — बिस्वास को 90,781 और चक्रवर्ती को 56,521 वोट मिले।
TMC में विभाजन और बिस्वास की स्थिति
गौरतलब है कि बिस्वास इस समय TMC के बागी गुट के साथ हैं, जिसका नेतृत्व ऋतब्रत बनर्जी कर रहे हैं। इस गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम दिया गया है। यह विभाजन 2026 के विधानसभा चुनाव में TMC की हार के बाद सामने आया था, जिसके बाद चुनाव आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में पहले से ही गहरी उथल-पुथल जारी है।
फिलहाल प्राथमिकता बिस्वास के स्वास्थ्य लाभ की है, और आने वाले दिनों में जाँच एजेंसियों की रिपोर्ट से आग के कारणों पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।