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बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी की चार रैलियों का कार्यक्रम: आदिवासी समुदाय पर ध्यान

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बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी की चार रैलियों का कार्यक्रम: आदिवासी समुदाय पर ध्यान

सारांश

कोलकाता में होने वाले विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री मोदी आदिवासी क्षेत्रों में चार रैलियों को संबोधित करेंगे। उनका फोकस तृणमूल कांग्रेस पर हमले और आदिवासी मुद्दों पर होगा। जानें, क्या कहेंगे मोदी?

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री मोदी की रैलियाँ आदिवासी-बहुल क्षेत्रों में होंगी।
तृणमूल कांग्रेस पर हमले होने की संभावना है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अपमान का मुद्दा भी उठ सकता है।
महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा होगी।
राजनीतिक माहौल गरम है।

कोलकाता, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में आगामी दो चरणों के विधानसभा चुनावों के लिए चल रहे प्रचार के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को राज्य के चार महत्वपूर्ण रैलियों को संबोधित करेंगे। ये रैलियां सभी आदिवासी-बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में आयोजित की जाएंगी।

प्रधानमंत्री की पहली चुनावी रैली बांकुरा जिले के बरजोरा में सुबह 11 बजे होगी। इसके बाद अन्य तीन रैलियां होंगी। पुरुलिया में दोपहर 12.45 बजे, झाड़ग्राम में दोपहर 2.45 बजे और अंत में पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मेेदीनीपुर में शाम 4.30 बजे रैली का आयोजन होगा।

भारतीय जनता पार्टी के एक राज्य समिति सदस्य ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने भाषणों में मुख्य रूप से आदिवासी समुदायों के मुद्दों पर जोर दे सकते हैं, जिन्हें तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार पिछले 15 वर्षों से नजरअंदाज कर रही है।

राज्य समिति सदस्य ने उल्लेख किया, "प्रधानमंत्री हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कथित अपमान के विवाद का भी उल्लेख कर सकते हैं। यह विवाद तब उत्पन्न हुआ था जब राष्ट्रपति ने संथाल समुदाय पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित करने के लिए पश्चिम बंगाल का दौरा किया था।"

इसके अलावा, राज्य समिति सदस्य ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोल सकते हैं, विशेषकर महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक को रोकने के उनके प्रयासों को लेकर।

राज्य में पहले से ही राजनीतिक घमासान शुरू हो चुका है। इसकी वजह है शनिवार रात राष्ट्र के नाम अपने संदेश में प्रधानमंत्री का संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के लिए लाए गए संवैधानिक संशोधन विधेयक के गिरने पर दुख व्यक्त करना और भारत की महिलाओं से माफी मांगना।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने एक बयान जारी कर कहा है कि प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन आत्म-दया और दिखावे से भरा हुआ था। पार्टी ने इसे महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को एक औजार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश बताया है, ताकि परिसीमन की साजिश पर पर्दा डाला जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह आगामी विधानसभा चुनावों में राजनीतिक तापमान को बढ़ाने का संकेत है। आदिवासी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना और तृणमूल कांग्रेस पर हमले करना उनकी रणनीति का हिस्सा है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री मोदी की रैलियाँ कब होंगी?
प्रधानमंत्री मोदी की रैलियाँ आज, 19 अप्रैल को होंगी।
रैलियों का स्थान क्या है?
रैलियाँ बांकुरा, पुरुलिया, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर में होंगी।
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण का मुख्य मुद्दा क्या होगा?
उनके भाषण में आदिवासी मुद्दों और तृणमूल कांग्रेस पर हमले का फोकस होगा।
तृणमूल कांग्रेस ने मोदी के संबोधन पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
तृणमूल कांग्रेस ने मोदी के संबोधन को आत्म-दया और दिखावे से भरा बताया है।
क्या यह रैलियाँ चुनावी रणनीति का हिस्सा हैं?
जी हाँ, ये रैलियाँ आगामी विधानसभा चुनावों के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हैं।
राष्ट्र प्रेस
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