बंगाल की जनता टीएमसी को सत्ता से हटाएगी: प्रो. गौरव वल्लभ का दावा
सारांश
Key Takeaways
- बंगाल की राजनीति: टीएमसी की स्थिति कमजोर हो रही है।
- ममता बनर्जी: हार की आशंका के चलते बहाने बना रही हैं।
- एफसीआरए: विदेशी फंडिंग पर निगरानी जरूरी।
- महंगाई: भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हैं।
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के नेता प्रो. गौरव वल्लभ ने ममता बनर्जी पर कटाक्ष करते हुए राष्ट्र प्रेस को बताया कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी की एक याचिका को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बिहार में राजद को नुकसान हुआ, उसी तरह बंगाल में भी ममता बनर्जी और टीएमसी का भविष्य होगा। 'मां, माटी और मानुष' के साथ धोखा देने वाली टीएमसी को बंगाल की जनता सत्ता से बाहर करेगी। ममता बनर्जी अपनी हार को भांपते हुए पहले से ही बहाने बनाने में जुटी हैं।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी राजनीतिक रूप से समझदार और परिपक्व हैं। उन्हें अपनी हार स्पष्ट दिखाई दे रही है, यही कारण है कि वह पहले से ही हार के बहाने तैयार कर रही हैं, ताकि हार का वजन उन पर न पड़े।
गौरव वल्लभ ने एफसीआरए संशोधन विधेयक 2026 पर कहा कि भारत में 22 हजार करोड़ रुपए की विदेशी फंडिंग आती है और 16 हजार से अधिक एनजीओ कार्यरत हैं। इस मामले में पारदर्शिता लाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल देश में नैरेटिव सेट करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। यदि एफसीआरए का लाइसेंस रद्द होता है, तो भी विदेशी फंडिंग से निर्मित संपत्तियों पर निगरानी आवश्यक है। देश की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
महंगाई पर कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही है। अन्य देशों ने पेट्रोल-डीजल के दाम 50 से 80 प्रतिशत तक बढ़ाए हैं, लेकिन भारत में ये दाम अभी भी स्थिर हैं। रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। यदि कोई गलत सोचता है, तो उनके लिए प्रार्थना है कि प्रभु श्रीराम उन्हें सद्बुद्धि दें।