क्या ममता सरकार के खिलाफ बंगाल में नाराजगी बढ़ रही है? भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल का बयान
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी की शासन प्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।
- भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने नाराजगी का जिक्र किया।
- टीएमसी के आरोपों को बेबुनियाद बताया गया।
- आगामी चुनावों में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
- मोहन भागवत के बयान का समर्थन किया गया।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने ममता बनर्जी की पश्चिम बंगाल में शासन शैली पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में उनके कार्यों के कारण राज्य के निवासियों में गहरा गुस्सा और नाराजगी बढ़ी है।
भाजपा सांसद ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एसआईआर अब एक गंभीर मुद्दा नहीं रह गया है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने बिहार में एसआईआर के खिलाफ आंदोलन की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस को वहां हार का सामना करना पड़ा।
उन्होंने स्पष्ट किया, "एसआईआर वास्तविकता है। इसमें डबल वोट, मृतकों के नाम और अवैध मतदाताओं को बाहर करना शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही बताया है कि यह चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसलिए एसआईआर को लेकर आरोप लगाना गलत है।"
प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग आगामी चुनावों में ममता बनर्जी को विदाई देने का मन बना चुके हैं। टीएमसी नेता इस सचाई को समझते हैं, इसलिए वे बिना किसी ठोस सबूत के ऐसे आरोप लगा रहे हैं।
इसके अलावा, खंडेलवाल ने संघ प्रमुख मोहन भागवत की 'हिंदू राष्ट्र' से संबंधित टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा कि "भारत वास्तव में एक हिंदू राष्ट्र है।"
उन्होंने कहा, "जो भी भारत में रहकर 'वंदे मातरम' कहता है, वह भारतीय है और सच्चे अर्थों में हिंदू है। हिंदू धर्म केवल एक धर्म नहीं है, यह भारत की आत्मा है।"