क्या बंगाल में वोटर लिस्ट से हटेंगे अवैध मतदाता? सीएम ममता बनर्जी को लगेगा झटका: तुहिन सिन्हा
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों और एसआईआर के विरोध को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने बंगाल में हुई एक हिंसक घटना का उल्लेख करते हुए टीएमसी और कांग्रेस के नेतृत्व पर हमला किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से अवैध मतदाता हटेंगे और सीएम ममता बनर्जी को एक बड़ा झटका लगेगा।
भाजपा प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठ से जुड़ी एक हालिया घटना पर ममता बनर्जी सरकार और तृणमूल कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि आज बंगाल से कुछ बेहद चौंकाने वाली और परेशान करने वाली तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें एक अवैध बांग्लादेशी द्वारा एक आदिवासी महिला पर हमला किए जाने का आरोप है। पीड़िता एक बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) है और उस पर यह हमला तब हुआ, जब उसने संबंधित व्यक्ति को बताया कि उसके द्वारा दिए गए दस्तावेज और जानकारी गलत हैं और संभव है कि वह भारतीय नागरिक न हो।
तुहिन सिन्हा ने कहा कि इस जानकारी से आरोपी बुरी तरह भड़क गया और उसने बीएलओ पर हमला कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सीएम ममता बनर्जी और टीएमसी देश में ऐसे अवैध बांग्लादेशियों को बचाने के लिए ही एसआईआर का विरोध कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह विरोध कहां तक जाएगा, यह समझ से परे है।
उन्होंने दावा किया कि 14 फरवरी को जब नई वोटर लिस्ट प्रकाशित होगी, तब सीएम ममता बनर्जी को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगेगा, क्योंकि हर अवैध वोटर का नाम सूची से हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद टीएमसी की स्थिति क्या होगी, यह देखने वाली बात होगी। तुहिन सिन्हा ने यह भी कहा कि अभी भी समय है और सीएम ममता बनर्जी को एसआईआर का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल के भविष्य के हित में अवैध बांग्लादेशियों को राज्य से बाहर निकालने की मुहिम में भाजपा का साथ देने की अपील की।
उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी के विदेश दौरे को लेकर हमला करते हुए कहा कि अब इस बात पर भी संदेह होने लगा है कि राहुल गांधी वास्तव में विपक्ष के नेता हैं या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी भारत के दुश्मनों के नेता जैसे प्रतीत होते हैं। उन्होंने बताया कि 10 दिसंबर को इस मुद्दे पर उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी।
तुहिन सिन्हा ने सवाल उठाया कि विपक्ष का नेता हर अहम मौके पर देश से गायब कैसे हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार चुनावों से ठीक पहले राहुल गांधी दो सप्ताह के लिए विदेश चले गए थे और किसी को यह जानकारी नहीं है कि वह उस दौरान दक्षिण अमेरिका में क्या कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कुछ दिनों के लिए ही भारत आते हैं और अपना अधिकांश समय विदेशों में बिताते हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी विदेश यात्राओं का शेड्यूल या कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं करते और अक्सर उनकी यात्राओं के कई दिनों बाद ऐसी तस्वीरें और रिपोर्ट सामने आती हैं, जिनमें उन्हें कथित तौर पर जॉर्ज सोरोस समर्थित संस्थानों के साथ बातचीत करते हुए देखा जाता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से वैश्विक जियो-पॉलिटिक्स तेजी से बदल रही है, उस संदर्भ में राहुल गांधी की गतिविधियां संदेह के दायरे में आती हैं।
तुहिन सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को भी यह तय करना होगा कि क्या ऐसे 'पर्यटक नेता' पार्टी को आगे बढ़ा सकते हैं।