बंगाल: एनआईए ने बेलडांगा हिंसा की जांच का कार्यभार संभाला, 7 आरोपियों को कस्टडी में भेजा
सारांश
Key Takeaways
- बेलडांगा हिंसा मामले की जांच का कार्यभार एनआईए ने ग्रहण किया।
- सात आरोपियों को एनआईए की कस्टडी में भेजा गया है।
- हाई कोर्ट से एनआईए को जांच की अनुमति मिली।
- ममता सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
- घटना के पीछे एक प्रवासी श्रमिक की हत्या की झूठी सूचना है।
कोलकाता, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार को अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले में हाल में हुई बेलडांगा हिंसा के मामले की केस डायरी को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को सौंपने पर सहमति व्यक्त की। कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिलने के पश्चात एनआईए इस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस ने कोलकाता स्थित एक ट्रायल कोर्ट को यह जानकारी दी कि उन्होंने केस डायरी एनआईए को ट्रांसफर करने का निर्णय लिया है। इसके बाद कोर्ट ने सात आरोपियों को एनआईए की सात दिन की कस्टडी में भेज दिया। अन्य 24 आरोपी इस समय ज्यूडिशियल कस्टडी में रहेंगे।
जब ट्रायल कोर्ट ने पुलिस को केस डायरी एनआईए को सौंपने का निर्देश दिया, तब पुलिस के वकील ने कोर्ट में तुरंत दस्तावेज ट्रांसफर करने का प्रस्ताव रखा। लेकिन एनआईए के वकील ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए औपचारिक प्रोटोकॉल का पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें केस डायरी को कोलकाता स्थित एनआईए कार्यालय में सौंपना शामिल था। बाद में पुलिस ने इस प्रक्रिया का पालन करने के लिए सहमति जताई।
इस साल जनवरी में पड़ोसी झारखंड के क्षेत्र से एक प्रवासी श्रमिक की हत्या की झूठी खबर फैलने के बाद बेलडांगा में तनाव और हिंसा उत्पन्न हुई थी। झारखंड पुलिस ने बाद में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर इस मौत को आत्महत्या का मामला बताया था।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता, सुवेंदु अधिकारी ने इस हिंसा की जांच के लिए एनआईए से जांच की मांग करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हाई कोर्ट से एनआईए को मामले की जांच की अनुमति मिलने के बाद ममता सरकार ने एनआईए जांच के आदेश को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। इसके बावजूद, कुछ समय तक रुकावट बनी रही, क्योंकि पुलिस ने प्रारंभ में केंद्रीय जांच एजेंसी को केस डायरी देने से मना कर रही थी।