गुजरात पुलिस की बड़ी उपलब्धि: 46.71%25 रिकवरी रेट से 53,564 चोरी मोबाइल वापस, देश में तीसरा स्थान
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात पुलिस ने देश के बड़े राज्यों में मोबाइल रिकवरी में तीसरा स्थान हासिल किया।
- 46.71%25 की रिकवरी दर से 53,564 हैंडसेट असली मालिकों को लौटाए गए — राष्ट्रीय औसत 32.6%25 से काफी अधिक।
- गुजरात में 1,83,985 हैंडसेट ब्लॉक किए गए; देशभर में कुल 50,48,516 मोबाइल ब्लॉक।
- अहमदाबाद शहर (56.70 स्कोर), डांग (54.89) और भावनगर (53.44) राज्य में शीर्ष तीन जिले।
- डीजीपी डॉ. के.एल.एन. राव ने शीर्ष प्रदर्शन करने वाले जिलों के नोडल ऑफिसर्स को 30 अप्रैल 2025 को सम्मानित किया।
गुजरात पुलिस ने चोरी और गुम हुए मोबाइल हैंडसेट की रिकवरी में देश के बड़े राज्यों में तीसरा स्थान हासिल किया है। 46.71 प्रतिशत की रिकवरी दर के साथ गुजरात पुलिस ने 53,564 हैंडसेट उनके असली मालिकों को सफलतापूर्वक लौटाए — जो राष्ट्रीय औसत 32.6 प्रतिशत से काफी अधिक है। दूरसंचार विभाग और गुजरात पुलिस की संयुक्त पहल तथा भारत सरकार के 'संचार साथी' पोर्टल एवं सीईआईआर (CEIR) मॉड्यूल के प्रभावी उपयोग से यह उल्लेखनीय उपलब्धि संभव हुई।
मुख्य घटनाक्रम
30 अप्रैल 2025 को गांधीनगर में डीजीपी डॉ. के.एल.एन. राव ने अहमदाबाद शहर, डांग और भावनगर जिलों के नोडल ऑफिसर्स को मोबाइल रिकवरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। यह सम्मान वित्त वर्ष 2025-26 के सीईआईआर रैंकिंग फ्रेमवर्क के तहत दिया गया।
गौरतलब है कि अब तक पूरे भारत में 50,48,516 मोबाइल ब्लॉक किए जा चुके हैं, जिनमें से गुजरात में 1,83,985 हैंडसेट ब्लॉक किए गए। इसके अलावा, गुजरात के विभिन्न जिलों के नोडल ऑफिसर्स ने 1,14,670 ब्लॉक और ट्रेस किए गए हैंडसेट को लोकेट करने में अहम भूमिका निभाई।
जिलेवार प्रदर्शन
अहमदाबाद शहर ने 25,500 ब्लॉक रिक्वेस्ट के मुकाबले सबसे अधिक 4,935 हैंडसेट रिकवर करके 56.70 के फाइनल स्कोर के साथ राज्य में पहला स्थान हासिल किया। वॉल्यूम स्कोर में अहमदाबाद को 100 में से 100 अंक मिले।
डांग जिले ने 328 ब्लॉक रिक्वेस्ट और 77.33 प्रतिशत के उच्च एक्यूरेसी स्कोर के साथ 54.89 पॉइंट्स लेकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। भावनगर जिले ने 634 ब्लॉक रिक्वेस्ट के मुकाबले 273 मोबाइल रिकवर करके 53.44 के स्कोर के साथ तीसरा स्थान अर्जित किया।
संचार साथी पोर्टल की भूमिका
भारत सरकार का 'संचार साथी' पोर्टल और उसके अंतर्गत CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) मॉड्यूल चोरी या गुम हुए मोबाइल को ब्लॉक करने और ट्रेस करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब मोबाइल चोरी की घटनाएँ शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बढ़ी हैं, और पुलिस-प्रशासन के बीच तकनीकी समन्वय की माँग तेज हुई है।
गुजरात एलएसए (LSA) की ओर से लागू किए गए सीईआईआर रैंकिंग फ्रेमवर्क के तहत जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन वॉल्यूम स्कोर, एक्यूरेसी स्कोर और रिकवरी दर के आधार पर किया जाता है।
आम जनता पर असर
इस उपलब्धि का सबसे बड़ा लाभार्थी वह आम नागरिक है जिसका मोबाइल चोरी या गुम हो जाता है। संचार साथी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद हैंडसेट ब्लॉक और ट्रेस की प्रक्रिया तेज हुई है, जिससे डिवाइस के दुरुपयोग की संभावना भी कम होती है। गुजरात में 53,564 परिवारों को उनका खोया हुआ मोबाइल वापस मिला, जो इस पहल की व्यावहारिक सफलता को दर्शाता है।
आगे की राह
विशेषज्ञों के अनुसार, गुजरात का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बन सकता है। यह पहली बार नहीं है कि गुजरात पुलिस ने तकनीकी समन्वय में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है, लेकिन CEIR रैंकिंग में तीसरा स्थान इस दिशा में एक ठोस मील का पत्थर है। आने वाले वित्त वर्ष में शेष जिलों की रिकवरी दर सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।