मनी लॉन्ड्रिंग केस: आई-पैक के सह-संस्थापक विनेश चंदेल को पटियाला हाउस कोर्ट से मिली जमानत, ईडी ने नहीं किया विरोध

Click to start listening
मनी लॉन्ड्रिंग केस: आई-पैक के सह-संस्थापक विनेश चंदेल को पटियाला हाउस कोर्ट से मिली जमानत, ईडी ने नहीं किया विरोध

सारांश

आई-पैक के सह-संस्थापक विनेश चंदेल को पटियाला हाउस कोर्ट से जमानत मिल गई — और इस बार ईडी ने विरोध नहीं किया। कथित कोयला चोरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 28 मार्च को गिरफ्तार चंदेल 28 अप्रैल को अंतरिम जमानत पाने में नाकाम रहे थे। अब जमानत मिलने के बाद मूल आरोपों पर सुनवाई जारी रहेगी।

Key Takeaways

विनेश चंदेल , आई-पैक के सह-संस्थापक और निदेशक, को 30 अप्रैल 2026 को पटियाला हाउस कोर्ट से जमानत मिली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस बार जमानत का विरोध नहीं किया। चंदेल को 14 अप्रैल को 10 दिन की ईडी हिरासत और 23 अप्रैल को 7 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। 28 अप्रैल को माँ की बीमारी के आधार पर माँगी गई अंतरिम जमानत अदालत ने खारिज कर दी थी। मामला कथित कोयला चोरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और M/s इंडियन PAC कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड पर आधारित आर्थिक अपराध शाखा की एफआईआर से संबंधित है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए गए आई-पैक (I-PAC) के सह-संस्थापक और निदेशक विनेश चंदेल को 30 अप्रैल 2026 को पटियाला हाउस कोर्ट से जमानत मिल गई। कथित कोयला चोरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था, और इस बार सुनवाई में ईडी ने उनकी जमानत का विरोध नहीं किया।

मामले का घटनाक्रम

14 अप्रैल को दिल्ली की एक अदालत ने विनेश चंदेल को 10 दिन की ईडी हिरासत में भेजा था। उन्हें देर रात अदालत में पेश किया गया था और सुनवाई देर रात तक चली थी। इसके बाद 23 अप्रैल को ईडी की हिरासत अवधि समाप्त होने पर पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र राणा ने उन्हें 7 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था।

28 अप्रैल को अदालत ने चंदेल की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उन्होंने अपनी माँ की गंभीर बीमारी का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की माँग की थी, लेकिन अदालत ने उनकी अर्जी अस्वीकार कर दी थी। पिछली सुनवाई में अदालत ने जमानत याचिका पर ईडी को नोटिस जारी कर जवाब माँगा था।

ईडी की रिमांड अर्जी में क्या था

ईडी ने अपनी रिमांड अर्जी में आरोप लगाया था कि M/s इंडियन PAC कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक निदेशक चंदेल कथित अपराध से जुड़े धन के लेनदेन में सक्रिय रूप से शामिल थे। एजेंसी के अनुसार, अवैध धन को पैदा करने, छिपाने और उसे वैध बनाने की प्रक्रिया में उनकी मुख्य भूमिका थी।

एजेंसी के अनुसार, कंपनी ने पैसे लेने के लिए बैंक और नकद दोनों तरीकों का इस्तेमाल किया। कुछ भुगतान '50 प्रतिशत चेक' के साथ किए जाने के भी संकेत मिले हैं, जिससे पता चलता है कि रकम को अलग-अलग हिस्सों में लिया गया।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी ने चंदेल को 28 मार्च को दर्ज ईसीआईआर (ECIR) के मामले में गिरफ्तार किया था। यह मामला आर्थिक अपराध शाखा की एफआईआर पर आधारित है, जिसमें M/s इंडियन PAC कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, खातों में गड़बड़ी और गैर-हिसाबी धन के इस्तेमाल के आरोप हैं। गौरतलब है कि आई-पैक एक प्रमुख राजनीतिक परामर्श संस्था रही है जो कई प्रमुख चुनावी अभियानों से जुड़ी रही है।

आगे क्या होगा

जमानत मिलने के बाद अब मामले की सुनवाई अदालत में जारी रहेगी। ईडी द्वारा जमानत का विरोध न किए जाने को कानूनी विशेषज्ञ महत्वपूर्ण घटनाक्रम मान रहे हैं, हालाँकि मनी लॉन्ड्रिंग के मूल आरोप अभी भी लंबित हैं। इस मामले की अगली सुनवाई में जाँच की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Point of View

इसलिए जमानत को क्लीन चिट नहीं माना जाना चाहिए।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

विनेश चंदेल कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया था?
विनेश चंदेल आई-पैक (I-PAC) के सह-संस्थापक और निदेशक हैं। ईडी ने उन्हें कथित कोयला चोरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 28 मार्च को दर्ज ईसीआईआर के तहत गिरफ्तार किया था, जो आर्थिक अपराध शाखा की एफआईआर पर आधारित है।
पटियाला हाउस कोर्ट ने विनेश चंदेल को जमानत कब दी?
पटियाला हाउस कोर्ट ने 30 अप्रैल 2026 को विनेश चंदेल को जमानत दी। इससे पहले 28 अप्रैल को उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी।
ईडी ने विनेश चंदेल की जमानत का विरोध क्यों नहीं किया?
इस बारे में ईडी की ओर से कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। अदालत में पिछली सुनवाई में ईडी को नोटिस जारी कर जवाब माँगा गया था, और एजेंसी ने जमानत का विरोध नहीं किया।
आई-पैक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में क्या आरोप हैं?
M/s इंडियन PAC कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, खातों में गड़बड़ी और गैर-हिसाबी धन के इस्तेमाल के आरोप हैं। ईडी के अनुसार कंपनी ने बैंक और नकद दोनों माध्यमों से भुगतान लिया और कुछ भुगतान '50 प्रतिशत चेक' के रूप में किए गए।
विनेश चंदेल की जमानत के बाद मामले में आगे क्या होगा?
जमानत मिलने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग के मूल आरोपों पर अदालत में सुनवाई जारी रहेगी। जमानत को मामले में क्लीन चिट नहीं माना जाता — ईडी की जाँच और अदालती प्रक्रिया आगे भी चलती रहेगी।
Nation Press