बेंगलुरु: किराए के घर में भवानी की संदिग्ध मौत, परिचित चंद्रशेखर पर हत्या का मामला दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु के जी. होसाहल्ली रोड स्थित एक किराए के मकान में 13 जून 2025 को भवानी एस. नामक युवती मृत पाई गई। प्रियदर्शिनी लेआउट पुलिस ने मृतका के पिता श्रीनिवास की शिकायत के आधार पर चंद्रशेखर (उर्फ चंदन या चंदू) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धाराओं 103(1) और 238 के तहत एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में आरोप है कि चंद्रशेखर ने भवानी की हत्या की और उसे आत्महत्या जैसा दिखाने की कोशिश की।
मुख्य घटनाक्रम
भवानी एस. ने बीएससी की डिग्री प्राप्त की थी और टिगारापाल्या में एक मोबाइल फोन की दुकान पर बिलिंग एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत थीं। वह ऑर्किड्स स्कूल के निकट किराए के मकान में अकेली रहती थीं।
13 जून की सुबह भवानी की भाभी ने परिवार को एक इंस्टाग्राम स्टोरी के बारे में सूचित किया, जिसमें भवानी एक अपरिचित युवक के साथ दिख रही थीं। बार-बार फोन करने पर कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर परिवार ने उनके नियोक्ता की पत्नी से संपर्क किया और उन्हें भवानी का हाल जानने को कहा।
घर अंदर से बंद मिला। दरवाज़ा न खुलने पर नियोक्ता की पत्नी ने पुलिस को सूचना दी। जब तक परिवार मौके पर पहुँचा, पुलिसकर्मी दरवाज़ा तोड़कर अंदर प्रवेश कर चुके थे।
घटनास्थल पर क्या मिला
शिकायत के अनुसार, भवानी घर के अंदर ज़मीन पर मृत अवस्था में पाई गईं, जबकि चंद्रशेखर बेहोश था लेकिन जीवित था। घर के भीतर और दोनों के शरीर से किसी जहरीले पदार्थ की तीव्र गंध आ रही थी। चंद्रशेखर को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पिता का आरोप
मृतका के पिता श्रीनिवास ने शिकायत में बताया कि चंद्रशेखर भवानी के साथ रिलेशनशिप में था। जब उसे परिवार की शादी की तैयारियों का पता चला, तो उसने कथित तौर पर भवानी को धमकी दी थी कि किसी और से शादी करने पर उसे 'अंजाम भुगतना होगा'। भवानी ने यह बात पहले ही अपने पिता को बताई थी।
शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि 13 जून की सुबह चंद्रशेखर भवानी के घर आया, कथित तौर पर गला घोंटकर उसकी हत्या की, और फिर उसके शरीर, स्वयं पर और घर में जहरीला पदार्थ डाल दिया — ताकि मामला आत्महत्या का प्रतीत हो और हत्या छुपाई जा सके।
पुलिस की कार्रवाई
प्रियदर्शिनी लेआउट पुलिस ने 13 जून को ही बीएनएस 2023 की धारा 103(1) (हत्या) और धारा 238 (साक्ष्य मिटाना) के तहत एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी। उल्लेखनीय है कि ये आरोप अभी तक शिकायत पर आधारित हैं; अदालत में दोष सिद्ध नहीं हुआ है।
आगे की जाँच
पुलिस मामले की गहन जाँच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक विश्लेषण के नतीजे मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट करेंगे। चंद्रशेखर के अस्पताल से ठीक होने के बाद पुलिस उससे पूछताछ करेगी, जो इस मामले में निर्णायक साबित हो सकती है।