क्या भागलपुर की मशरूम लेडी पीएमईजीपी से सशक्त बनीं और महिलाओं को ट्रेनिंग दे रहीं हैं?

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क्या भागलपुर की मशरूम लेडी पीएमईजीपी से सशक्त बनीं और महिलाओं को ट्रेनिंग दे रहीं हैं?

सारांश

भागलपुर की मशरूम लेडी, स्वर्ण संध्या भारती, पीएमईजीपी योजना का लाभ लेकर सशक्त बनीं। उन्होंने हजारों महिलाओं को मशरूम उत्पादन में प्रशिक्षण दिया, जिससे वे आत्मनिर्भर हो रही हैं। यह कहानी प्रेरणा और बदलाव की है।

Key Takeaways

  • पीएमईजीपी योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया।
  • स्वर्ण संध्या भारती ने हजारों महिलाओं को ट्रेनिंग दी।
  • आर्थिक सहायता से जीवन में बदलाव आया।
  • महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिले हैं।
  • सरकारी योजनाओं का सही उपयोग आवश्यक है।

भागलपुर, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के भागलपुर जिले में 'मशरूम लेडी' के नाम से मशहूर स्वर्ण संध्या भारती के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना एक वरदान साबित हुई है।

इस योजना के अंतर्गत मिली आर्थिक सहायता ने न केवल उनके जीवन में परिवर्तन लाया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बना दिया है। अब तक स्वर्ण संध्या लगभग पाँच हजार महिलाओं को मशरूम उत्पादन के लिए प्रशिक्षण दे चुकी हैं।

भागलपुर के सबौर प्रखंड के खनकित्ता गांव की निवासी स्वर्ण संध्या भारती ने राष्ट्र प्रेस से चर्चा करते हुए बताया कि पीएमईजीपी योजना के तहत उन्हें 10 लाख रुपए का ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने मशरूम उत्पादन के लिए आवश्यक ढांचा तैयार किया। अपने घर में उत्पादन इकाई स्थापित करके उन्होंने विभिन्न प्रकार के मशरूम की खेती शुरू की। आज वे अपनी सालाना आय से अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च और परिवार की अन्य आवश्यकताएं पूरी कर रही हैं। उनका कहना है कि यदि यह योजना नहीं मिलती, तो उनका जीवन पहले जैसा ही संघर्षपूर्ण बना रहता।

स्वर्ण संध्या ने कहा, “मोदी सरकार की इस योजना ने मेरी तकदीर बदल दी है। अब हम न केवल मशरूम का उत्पादन कर रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी प्रशिक्षण दे रहे हैं।”

उन्होंने बताया कि उनके यहां प्रशिक्षण लेने के लिए लगातार महिलाएं आती हैं और अब तक पाँच हजार से अधिक महिलाओं को मशरूम उत्पादन की तकनीक सिखाई जा चुकी है, जिससे कई महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिला है और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनी हैं।

उन्होंने कहा कि इस योजना ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है और इसके लिए वे पीएम मोदी को धन्यवाद देती हैं। स्वर्ण संध्या ने यह अपील की कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस तरह की योजनाएं निरंतर चलाई जानी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं को लाभ मिल सके और वे भी अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।

Point of View

तो वे न केवल व्यक्तिगत जीवन में बदलाव ला सकती हैं, बल्कि समाज में एक बड़ा प्रभाव भी बना सकती हैं। यह समय है कि हम इन उदाहरणों को अपनाएं और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ें।
NationPress
23/02/2026

Frequently Asked Questions

क्या पीएमईजीपी योजना से सभी महिलाएं लाभ उठा सकती हैं?
हाँ, पीएमईजीपी योजना का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान करना है।
स्वर्ण संध्या भारती ने कितनी महिलाओं को प्रशिक्षण दिया है?
स्वर्ण संध्या ने अब तक लगभग पांच हजार महिलाओं को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया है।
यह योजना कैसे काम करती है?
यह योजना आर्थिक सहायता प्रदान करती है ताकि महिलाएं अपने व्यवसाय शुरू कर सकें।
क्या यह योजना सभी क्षेत्रों में लागू होती है?
हाँ, यह योजना सभी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए उपलब्ध है।
क्या पीएमईजीपी योजना से महिलाएं स्वरोजगार कर सकती हैं?
जी हाँ, यह योजना महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करती है।
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