क्या केंद्र सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं के साथ विश्वासघात कर रही है? भाई जगताप का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 22 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता भाई जगताप ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला किया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर देश के युवाओं, महिलाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।
भाई जगताप ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने देश का "बंटाधार" किया है और युवाओं को रोजगार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर किया है। सरकार की नीतियों के कारण युवा और महिलाएं अन्याय का शिकार हो रहे हैं। देश की जनता अब जाग चुकी है। सरकार को विपक्ष की आलोचना के बजाय देश की स्थिति और हालात पर ध्यान देना चाहिए।
संविधान संशोधन बिल पर भाई जगताप ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "आपके मंत्रिमंडल में 37 प्रतिशत दागी मंत्री हैं, जो संगीन अपराधों में लिप्त हैं। प्रधानमंत्री उन पर कार्रवाई क्यों नहीं करते? इसके बजाय, वे कैबिनेट में बैठकर देश के लिए फैसले ले रहे हैं। देश की जनता अब सरकार की "जुमलेबाजी" से तंग आ चुकी है और वह हकीकत को समझ चुकी है।"
चुनाव आयोग द्वारा "वोट चोरी" शब्द के इस्तेमाल पर की गई आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए भाई जगताप ने कहा, "अगर यह चुनाव आयोग का अनादर है, तो कार्रवाई कीजिए। 'चोरी' और 'वोट' शब्द अगर आपको बुरा लग रहा है, तो इसका मतलब है कि कहीं न कहीं आपने गलत किया है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के जरिए वोटों की हेराफेरी की जा रही है, जिससे लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी हो रही है। जगताप ने कहा कि कांग्रेस ने वोटर लिस्ट का डेटा मांगा था, लेकिन आयोग ने इसे ऑनलाइन उपलब्ध नहीं कराया, जो पारदर्शिता की कमी को दर्शाता है।
मुंबई बेस्ट क्रेडिट सोसाइटी के चुनावों पर टिप्पणी करते हुए जगताप ने कहा, "ये छोटे स्तर के चुनाव हैं और इन्हें किसी राजनीतिक दल से जोड़ना गलत है। एक मजदूर संघ नेता के नाते मैं जानता हूं कि सहकारी समितियां और मजदूरों के मंच स्थानीय परिस्थितियों को दर्शाते हैं।"