ओवैसी और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू: कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने 19 अक्टूबर 2026 को प्रयागराज में मीडिया से बातचीत के दौरान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) का एजेंट करार दिया। तिवारी ने कहा कि चुनावी परिणाम खुद गवाही देते हैं कि ओवैसी अल्पसंख्यक वोटों को बाँटकर भाजपा की राह आसान करते हैं — इसीलिए वे दोनों को 'जुड़वां भाई' कहते हैं।
ओवैसी के बयान ने छेड़ी बहस
यह विवाद तब शुरू हुआ जब असदुद्दीन ओवैसी ने रामपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वे नेहरू, गांधी या यादव में से किसी को भी अपना नेता स्वीकार नहीं करेंगे। इस बयान को कांग्रेस ने विपक्षी एकता को कमज़ोर करने की कोशिश के रूप में देखा और तीखी प्रतिक्रिया दी।
प्रमोद तिवारी ने पलटवार करते हुए कहा, 'ओवैसी की क्या हैसियत है कि वे गांधी या नेहरू जैसा कोई व्यक्ति खड़ा कर सकें? उनका काम बस इतना है कि वे जानबूझकर या अनजाने में भाजपा के इशारे पर अल्पसंख्यक वोटों को बाँटते हैं।'
चुनावी आँकड़ों का हवाला
तिवारी ने अपने आरोप को चुनावी तथ्यों से पुष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में एआईएमआईएम ने 4 सीटें जीतीं, लेकिन वोट विभाजन के कारण 22 अन्य सीटों पर विपक्षी उम्मीदवार हार गए, और अंततः भाजपा की सरकार बन गई।
उन्होंने बिहार का उदाहरण भी दिया, जहाँ ओवैसी के जीते हुए उम्मीदवार बाद में जनता दल (यूनाइटेड) के साथ चले गए। तिवारी के अनुसार यह 'परिणाम' प्रमाणित करते हैं कि ओवैसी भाजपा के एजेंट की भूमिका निभाते हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर भी निशाना
वोट की चोरी के मुद्दे पर प्रमोद तिवारी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि देश में सरकार बदलनी ही होगी। उन्होंने कहा, 'देश की आर्थिक स्थिति और विदेश नीति विफल हो चुकी है। जनता महंगाई और बेरोज़गारी से मुक्ति चाहती है और मताधिकार की रक्षा के लिए सरकार बदलना ज़रूरी है।' गौरतलब है कि ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब देश में चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर सवाल
तिवारी ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए कथित हमले का ज़िक्र करते हुए महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मुंबई जैसी देश की आर्थिक राजधानी में हालात बेकाबू हो रहे हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि कुछ समय पहले बाबा सिद्दीकी की हत्या हो चुकी है, सलमान खान को लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं, और अब जैकी श्रॉफ के बेटे टाइगर श्रॉफ पर हमले का प्रयास हुआ। तिवारी ने कहा कि टाइगर बस किस्मत से बचे, न कि सुरक्षा व्यवस्था की बदौलत — उनकी माँ के शब्दों में 'ईश्वर महान है।' उन्होंने कहा कि यदि हमलावर की बंदूक में खराबी न आती, तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकता था।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी गठबंधन अल्पसंख्यक वोटों की एकजुटता को लेकर रणनीति बना रहा है, और एआईएमआईएम के राजनीतिक प्रभाव क्षेत्र को लेकर बहस तेज़ है। कांग्रेस की ओर से इस तरह का सीधा हमला बताता है कि आगामी चुनावों में वोट विभाजन को रोकना विपक्ष की प्रमुख चिंताओं में से एक होगी।