ओवैसी पर भाजपा को लाभ पहुंचाने के आरोप, हुमायूं कबीर के स्टिंग वीडियो के बाद कांग्रेस का हमला
सारांश
Key Takeaways
- हुमायूं कबीर का स्टिंग वीडियो भाजपा को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाता है।
- कांग्रेस और शिवसेना-यूबीटी ने ओवैसी पर निशाना साधा है।
- ओवैसी की पार्टी ने कबीर के साथ गठबंधन तोड़ा है।
- राजनीतिक विवाद में संभावित चुनावी परिणामों का असर हो सकता है।
- टीएमसी ने इस विवाद को उजागर किया है।
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के नेता हुमायूं कबीर के संदिग्ध स्टिंग वीडियो के चलते पश्चिम बंगाल की राजनीति में तूफान खड़ा हो गया है। इस बीच, कांग्रेस और शिवसेना-यूबीटी ने असदुद्दीन ओवैसी पर भाजपा को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के हुमायूं कबीर के साथ गठबंधन तोड़ने पर कहा, "अभी छोटे भाई (हुमायूं कबीर) का वीडियो सामने आया है, बड़े भाई (असदुद्दीन ओवैसी) कब आएंगे। यह दोनों बिछड़े हुए कुंभ मेले के भाई हैं। जाने अनजाने ओवैसी वही करते हैं, जिससे भाजपा को लाभ होता है।"
तिवारी ने ओवैसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार के सीमांचल और महाराष्ट्र में उन्होंने भाजपा की सहायता की है।
उन्होंने कबीर के वीडियो के संदर्भ में कहा, "इसका भाग-1 सामने आया है। दोनों के बीच की बातचीत और वीडियो में यह स्पष्ट हो गया है कि 1,000 करोड़ रुपये की डील हुई है। इससे भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा भी उजागर हो चुका है। जाति-धर्म के आधार पर बांटकर भाजपा अपना वोट जुटाती है।"
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा, "ओवैसी इसी तरह की रणनीति अपनाकर भारतीय जनता पार्टी को लाभ पहुंचाते हैं। ओवैसी एक विद्वान और बैरिस्टर हैं, उन्हें संयम बनाए रखना चाहिए और विपक्षी दलों के साथ बातचीत करनी चाहिए।"
राउत ने ओवैसी के लिए कहा, "आपका वास्तविक दुश्मन भाजपा है; यदि आप देशभक्त हैं तो ऐसे किसी भी राजनीतिक खेल में न शामिल हों, जिससे भाजपा को मदद मिले।"
वास्तव में, टीएमसी ने एक कथित स्टिंग वीडियो जारी करते हुए हुमायूं कबीर पर भाजपा के साथ 1,000 करोड़ रुपये की डील करने का आरोप लगाया। इसके बाद, ओवैसी की पार्टी ने कबीर के साथ गठबंधन तोड़ने का निर्णय लिया और पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया।