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प्रमोद तिवारी का आरोप: संविधान दोयम दर्जे पर, ईडी-सीबीआई भाजपा के इशारे पर काम कर रही

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प्रमोद तिवारी का आरोप: संविधान दोयम दर्जे पर, ईडी-सीबीआई भाजपा के इशारे पर काम कर रही

सारांश

इंडिया गठबंधन की दिल्ली बैठक से पहले कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी का बड़ा बयान — ईडी-सीबीआई भाजपा की गोद में बैठ गई हैं, विपक्षी नेता पार्टी बदलते ही जांच से मुक्त हो जाते हैं, और संविधान दोयम दर्जे पर आ गया है।

मुख्य बातें

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने 9 जून को लखनऊ में भाजपा सरकार और केंद्रीय एजेंसियों पर तीखे आरोप लगाए।
तिवारी ने कहा कि विपक्षी नेता भाजपा में शामिल होते ही ईडी और सीबीआई की जांच ठंडी पड़ जाती है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस वोनिगद दिवाकर की यूपी पुलिस पर टिप्पणी को उन्होंने 'बेहद गंभीर' बताया।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरोप लग रहे हैं कि आयोग से भाजपा को फायदा पहुंच रहा है।
'इंडिया' गठबंधन की दिल्ली बैठक में शामिल दलों की जानकारी बैठक से पहले साझा की जाएगी।

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने 9 जून को लखनऊ में मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार, केंद्रीय जांच एजेंसियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। यह बयान नई दिल्ली में प्रस्तावित 'इंडिया' गठबंधन की बैठक से ठीक पहले आया है। तिवारी ने कहा कि आज संविधान दोयम दर्जे पर पहुंच गया है।

इंडिया गठबंधन की बैठक पर क्या बोले

दिल्ली में होने वाली 'इंडिया' ब्लॉक की बैठक को लेकर प्रमोद तिवारी ने कहा कि बैठक में शामिल होने वाले दलों और नेताओं की जानकारी उचित समय पर साझा की जाएगी। उन्होंने कहा, 'कल का इंतजार कीजिए। जो गठबंधन में शामिल होंगे और जो बैठक में आएंगे, उनकी जानकारी हम सकारात्मक रूप से मीडिया को देंगे।'

भाजपा पर निशाना — बिहार और लखनऊ का हवाला

विपक्ष पर सवाल उठाने से पहले भाजपा को अपने घर की स्थिति देखनी चाहिए — यह कहते हुए तिवारी ने दो उदाहरण सामने रखे। उन्होंने कहा कि बिहार में मंत्री बनाए गए कुशवाहा जी के बेटे को छह महीने के भीतर एमएलसी बनाने का वादा किया गया था, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। इसके अलावा, लखनऊ में संजय निषाद एक एनकाउंटर को लेकर गंभीर आरोप लगा रहे हैं और हिटलरशाही व तानाशाही का आरोप लगा रहे हैं।

इलाहाबाद हाई कोर्ट की टिप्पणी और संस्थाओं पर सवाल

उत्तर प्रदेश पुलिस के कामकाज को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट की हालिया टिप्पणियों पर तिवारी ने कहा कि यह केवल यूपी पुलिस का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश की संस्थाओं की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जस्टिस वोनिगद दिवाकर ने जो टिप्पणी की है, वह बेहद गंभीर है और न्यायिक प्रक्रिया का अवलोकन करने के बाद की गई है।

ईडी-सीबीआई पर आरोप: भाजपा में जाते ही जांच ठंडी

कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं पर प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और आयकर विभाग की कार्रवाई होती है, लेकिन जैसे ही वही नेता भाजपा में शामिल हो जाते हैं, उनके खिलाफ चल रही जांचें ठंडे बस्ते में चली जाती हैं। उन्होंने कहा कि संसद और राज्यसभा में ऐसे कई उदाहरण देखे जा सकते हैं और यह एक हकीकत है।

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल

तिवारी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, आरोप लग रहे हैं कि चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव नहीं करा रहा और इससे भाजपा को फायदा पहुंच रहा है। गौरतलब है कि विपक्षी दलों की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर यह पहली बार नहीं है जब इस तरह के आरोप सामने आए हैं — यह एक बार फिर उस बहस को केंद्र में ला देता है जो 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद से चल रही है। आने वाले दिनों में इंडिया गठबंधन की बैठक में इन मुद्दों पर रणनीति तय होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हर बार इसे ठोस दस्तावेज़ी साक्ष्य के बजाय राजनीतिक बयानबाज़ी के रूप में खारिज किया जाता है। असली सवाल यह है कि क्या 'इंडिया' गठबंधन इन आरोपों को एक सुसंगत जवाबदेही एजेंडे में बदल पाएगा, या ये बयान महज प्री-मीटिंग मीडिया रणनीति तक सीमित रहेंगे। इलाहाबाद हाई कोर्ट की टिप्पणी को राजनीतिक रंग देना न्यायपालिका की स्वतंत्र आवाज़ को पार्टी-लाइन में समेटने जैसा है — जो खुद विपक्ष की विश्वसनीयता के लिए भी जोखिम है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रमोद तिवारी ने ईडी-सीबीआई पर क्या आरोप लगाए?
प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं पर ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग की कार्रवाई होती है, लेकिन जैसे ही वे भाजपा में शामिल होते हैं, उनकी जांचें ठंडी पड़ जाती हैं। उन्होंने इसे 'हकीकत और सच्चाई' बताया।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी पुलिस पर क्या टिप्पणी की?
तिवारी के अनुसार जस्टिस वोनिगद दिवाकर ने यूपी पुलिस के कामकाज पर बेहद गंभीर टिप्पणी की है, जो न्यायिक प्रक्रिया के अवलोकन के बाद की गई है। तिवारी ने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ यूपी पुलिस तक सीमित नहीं, बल्कि देश की समस्त संस्थाओं की स्थिति पर सवाल उठाता है।
'इंडिया' गठबंधन की दिल्ली बैठक में कौन शामिल होगा?
प्रमोद तिवारी ने कहा कि बैठक में शामिल होने वाले दलों और नेताओं की जानकारी उचित समय पर मीडिया के साथ सकारात्मक रूप से साझा की जाएगी। उन्होंने फिलहाल किसी नाम या दल का खुलासा नहीं किया।
प्रमोद तिवारी ने भाजपा की आंतरिक स्थिति पर क्या कहा?
तिवारी ने बिहार और लखनऊ के उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने दामन में झांकना चाहिए। उन्होंने कुशवाहा जी के बेटे को एमएलसी टिकट न मिलने और संजय निषाद के एनकाउंटर संबंधी आरोपों का हवाला दिया।
प्रमोद तिवारी के अनुसार संविधान 'दोयम दर्जे' पर कैसे पहुंचा?
तिवारी ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का कथित दुरुपयोग, चुनाव आयोग की कथित पक्षपाती कार्यप्रणाली और संस्थाओं की स्वायत्तता पर बढ़ते सवालों के कारण संविधान दोयम दर्जे पर पहुंच गया है। यह उनका व्यक्तिगत राजनीतिक आकलन है।
राष्ट्र प्रेस
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