क्या भारत में आईएसआई के धमाके की साजिश का पर्दाफाश हुआ है?

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क्या भारत में आईएसआई के धमाके की साजिश का पर्दाफाश हुआ है?

सारांश

उत्तर प्रदेश की पुलिस ने फरीदाबाद मॉड्यूल और राइसिन आतंकी षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है। यह साजिश भारत में आईएसआई के घुसपैठ और आतंकवादी हमलों की योजना को उजागर करती है। क्या भारत को इससे और अधिक खतरों का सामना करना पड़ेगा?

मुख्य बातें

फरीदाबाद मॉड्यूल और राइसिन साजिश का पर्दाफाश हुआ है।
आईएसआई का भारत में घुसपैठ का प्रयास जारी है।
पाकिस्तान के आतंकवादी समूहों का नेटवर्क गहरा है।
राइसिन एक खतरनाक विषैला पदार्थ है।
सुरक्षा बलों को सतर्क रहने की जरूरत है।

नई दिल्ली, 21 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश की पुलिस ने फरीदाबाद मॉड्यूल और राइसिन आतंकी षड्यंत्र का भंडाफोड़ किया है। दक्षिण भारत में आईएसआई राइसिन केमिकल अटैक की योजना बना रहा था, जिससे पाकिस्तान भी बेनकाब हुआ है।

फरीदाबाद मॉड्यूल और राइसिन टेरर प्लॉट का पर्दाफाश होने से यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान भारत में घुसपैठ करने की कितनी गहरी कोशिशें कर रहा है।

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास ब्लास्ट करने वाले फरीदाबाद मॉड्यूल ने करीब 3,000 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट इकट्ठा किया था। इससे यह साफ है कि भारत में तबाही मचाने के लिए बड़े स्तर पर हमलों की योजना बनाई जा रही थी।

दूसरी ओर, दक्षिण भारत में भी एक खतरनाक आतंकी साजिश रची जा रही थी। गुजरात एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) ने हैदराबाद के 35 साल के अहमद मोहियुद्दीन सैयद को राइसिन आतंकी हमले की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया।

पुलिस ने खुलासा किया है कि फरीदाबाद मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा है। वहीं राइसिन की साजिश इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रोविंस (आईएसकेपी) की बनाई योजना का हिस्सा है।

ये दोनों आतंकी समूह आईएसआई के इशारे पर काम करते हैं। इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने कहा कि अगर दोनों मामलों की गहराई से जांच की जाए, तो यह साफ है कि आईएसआई उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि दक्षिण में भी तबाही मचाने की योजना बना रहा है।

अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान का गेम प्लान फॉल्ट लाइन का फायदा उठाना है। पाकिस्तान उत्तर भारत में विक्टिम कार्ड और दक्षिण में भाषा कार्ड खेलकर भारत में विभाजन की स्थिति पैदा करने की साजिश कर रहा है। आईएसकेपी ने साउथ को नॉर्थ से अलग करने के इरादे से एक राइसिन टेरर अटैक करने का प्लान बनाया था।

अधिकारियों ने बताया कि यदि इन दोनों साजिशों को सफल होने दिया जाता, तो नतीजे भयानक हो सकते थे। फरीदाबाद केस में, पूरे उत्तर भारत में ब्लास्ट करने का प्लान था।

काउंटर-टेररिज्म अधिकारियों ने कहा कि इससे भी अधिक खतरनाक राइसिन प्लान होता, जिसे साउथ इंडिया को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा था। गुजरात एटीएस की जांच में पता चला कि खदीजा ने सैयद और उसके साथियों को ज्यादा से ज्यादा लोगों को मारने का निर्देश दिया था।

सैयद ने 10 किलोग्राम अरंडी के बीज खरीदे और तेल निकालने के लिए कोल्ड-प्रेस मशीन का इस्तेमाल किया। उसने जांच करने वालों को बताया और फिर उसे एसीटोन के साथ मिलाया। इसके बाद उसने राइसिन जहर को एक ड्रम में स्टोर कर लिया।

सैयद और उसका हैंडलर कई महीनों से इस ऑपरेशन की योजना बना रहे थे। भारत में मुसलमानों पर तथाकथित ज़ुल्म के बारे में बात करते हुए, उन्होंने भाषा के झगड़े पर भी चर्चा की। यह एक कारण हो सकता है कि सैयद के प्लान में साउथ इंडिया को शेष भारत से अलग करना शामिल था।

अब इस बात की भी जांच हो रही है कि क्या सैयद ने पानी की जगहों, खासकर पीने के पानी में जहर मिलाने का प्लान बनाया था। यह बहुत असरदार है, और अगर इसे पी लिया जाए, तो इंसान को लंबी बीमारी या मल्टीपल ऑर्गन फेलियर से मौत हो सकती है।

एक्सपर्ट्स ने कहा कि जानलेवा डोज से मौत 36 से 72 घंटों के अंदर हो सकती है। इससे भी खतरनाक बात यह है कि इसका कोई खास एंटीडोट नहीं है, और इससे प्रभावित इंसान को सपोर्टिव मेडिकल केयर की जरूरत होगी।

यह लंबे समय से आईएसकेपी के प्लान का हिस्सा रहा है, और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने बार-बार चेतावनी दी है कि ऐसे ग्रुप इंडिया में बायोटेरर लॉन्च करने की कोशिश करेंगे।

इन्वेस्टिगेटर पाकिस्तान लिंक की भी गहराई से जांच कर रहे हैं। रिसिन टेरर मॉड्यूल और फरीदाबाद मॉड्यूल जैसे बड़े प्लॉट, इतने बड़े पैमाने पर प्लान किए गए ऑपरेशन नहीं हो सकते थे, अगर उन्हें पाकिस्तान से इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट न मिला होता।

एक अधिकारी ने कहा कि यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान ने उत्तर और दक्षिण भारत के लिए दो अलग-अलग टेरर मॉड्यूल तैनात किए थे और वे इतने बड़े पैमाने पर हमले करना चाहते थे कि पूरा देश डर जाए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फरीदाबाद मॉड्यूल क्या है?
फरीदाबाद मॉड्यूल एक आतंकवादी समूह है जो जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा है और भारत में हमलों की योजना बना रहा था।
राइसिन का उपयोग कैसे किया जाता है?
राइसिन एक विषैला पदार्थ है जिसका उपयोग आतंकवादी हमलों में किया जा सकता है, खासकर जब इसे पानी या खाद्य पदार्थों में मिलाया जाता है।
क्या पाकिस्तान इस साजिश में शामिल है?
हाँ, पाकिस्तान के आईएसआई ने इन आतंकी मॉड्यूल के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस साजिश का प्रभाव क्या हो सकता है?
यदि ये साजिशें सफल हो जाती हैं, तो इसके परिणाम भयानक हो सकते हैं, जिससे पूरे देश में आतंक का माहौल पैदा हो सकता है।
क्या पुलिस ने इस संबंध में कोई कार्रवाई की है?
हाँ, पुलिस ने अहमद मोहियुद्दीन सैयद को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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