क्या भारत-जापान के बीच नई साझेदारी का खाका तैयार हुआ है, 10 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य है?

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क्या भारत-जापान के बीच नई साझेदारी का खाका तैयार हुआ है, 10 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य है?

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी और जापान के पीएम इशिबा ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में भारत-जापान के बीच नई साझेदारी की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस साझेदारी में 10 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य रखा गया है, जो दोनों देशों के बीच की रिश्तों को और मजबूत करेगा।

Key Takeaways

  • भारत और जापान ने नई साझेदारी की रूपरेखा तैयार की है।
  • 10 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • साझेदारी में तकनीकी, आर्थिक और पर्यावरणीय सहयोग शामिल है।
  • दोनों देशों के बीच उच्च प्रौद्योगिकी का क्षेत्र प्राथमिकता में है।
  • यह साझेदारी वैश्विक शांति और स्थिरता को बढ़ावा देगी।

टोक्यो, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने शुक्रवार को एक संयुक्त प्रेस वार्ता में भाग लिया। इस समय दोनों नेताओं ने भारत-जापान के बीच स्पेशल स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत प्रधानमंत्री इशिबा के आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज की चर्चा “उपयोगी और उद्देश्यपूर्ण” रही।

उन्होंने कहा कि भारत और जापान न केवल दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं, बल्कि जीवंत लोकतंत्र भी हैं, और उनकी साझेदारी केवल द्विपक्षीय हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी ने कहा, “मजबूत लोकतंत्र, बेहतर विश्व व्यवस्था गढ़ने के लिए स्वाभाविक साझेदार हैं।”

प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि दोनों देशों ने आज अपनी साझेदारी में एक नए और सुनहरे अध्याय की नींव रखी है और आने वाले दशक के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया है। इस साझा दृष्टिकोण में निवेश, नवाचार, आर्थिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी सहयोग, स्वास्थ्य सेवाएं, गतिशीलता, और जन-से-जन संपर्क शामिल हैं।

भारत ने अगले दस वर्षों में जापान से 10 ट्रिलियन येन निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पीएम मोदी ने कहा कि यह कदम दोनों देशों की प्रतिबद्धता और विश्वास को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि सतत विकास की दिशा में भारत और जापान एक सस्टेनेबल फ्यूल्स इनिशिएटिव और बैटरी सप्लाई चेन पार्टनरशिप की शुरुआत करने जा रहे हैं। इसके अलावा, दोनों देशों ने इकोनॉमिक सिक्योरिटी कोऑपरेशन पहल लॉन्च करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत महत्वपूर्ण और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उच्च प्रौद्योगिकी का क्षेत्र दोनों देशों की प्राथमिकताओं में शीर्ष पर है। इस दिशा में डिजिटल पार्टनरशिप 2.0 और एआई कोऑपरेशन इनिशिएटिव पर काम शुरू होगा। इसके अलावा, सेमीकंडक्टर्स और रेयर अर्थ मिनरल्स भी साझा एजेंडे में सबसे ऊपर रखे गए हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि इन पहलों से भारत-जापान संबंध न केवल आर्थिक और तकनीकी दृष्टि से मजबूत होंगे, बल्कि वैश्विक मंच पर भी नई दिशा प्रदान करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों की साझेदारी विश्व शांति, स्थिरता और विकास की राह को और सुदृढ़ करेगी।

Point of View

न केवल द्विपक्षीय हितों को सुदृढ़ करेगा, बल्कि वैश्विक शांति और विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

भारत और जापान के बीच साझेदारी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
भारत और जापान के बीच साझेदारी का मुख्य उद्देश्य आर्थिक, तकनीकी और सामरिक क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना है।
10 ट्रिलियन येन का निवेश कैसे किया जाएगा?
यह निवेश विभिन्न क्षेत्रों में, जैसे तकनीकी सहयोग, स्वास्थ्य सेवाएं, और पर्यावरण संरक्षण में किया जाएगा।
क्या इस साझेदारी से वैश्विक स्तर पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
हाँ, यह साझेदारी वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।