क्या भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.69 अरब डॉलर बढ़कर 702.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया?

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क्या भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.69 अरब डॉलर बढ़कर 702.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया?

सारांश

क्या भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों से यह पता चला है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.69 अरब डॉलर तक पहुँच गया है? जानिए इस वृद्धि के पीछे के कारण और इसके अर्थव्यवस्था पर प्रभाव।

मुख्य बातें

विदेशी मुद्रा भंडार में 4.69 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है।
भंडार अब 702.9 अरब डॉलर पर पहुँच गया है।
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ 587.04 अरब डॉलर हो गईं।
स्वर्ण भंडार 92.42 अरब डॉलर पर पहुँच गया है।
यह वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

नई दिल्ली, 20 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी किए गए ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 12 सितंबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.69 अरब डॉलर की वृद्धि के साथ 702.9 अरब डॉलर पर पहुँच गया।

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार सितंबर 2024 के अंत में 704.9 अरब डॉलर के अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुँच चुका था। इस वर्ष सितंबर के दूसरे सप्ताह की इस वृद्धि के साथ, यह भंडार पिछले रिकॉर्ड से मात्र 2 अरब डॉलर कम रह गया है।

आरबीआई के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ 2.5 अरब डॉलर बढ़कर 587.04 अरब डॉलर हो गईं।

इन परिसंपत्तियों में यूरो, पाउंड और येन जैसी प्रमुख वैश्विक मुद्राएँ शामिल हैं, और इनका डॉलर मूल्य विनिमय दरों में बदलाव को दर्शाता है।

इस सप्ताह स्वर्ण भंडार में भी तेज उछाल आया और यह 2.1 अरब डॉलर बढ़कर 92.42 अरब डॉलर पर पहुँच गया।

विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 3.2 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.73 अरब डॉलर हो गए, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत की आरक्षित निधि 90 लाख डॉलर बढ़कर 4.76 अरब डॉलर हो गई।

विदेशी मुद्रा भंडार देश के लिए एक फाइनेंशियल सेफ्टी नेट का काम करता है, जिससे आरबीआई को रुपए में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए जरूरत पड़ने पर मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने में मदद मिलती है।

केंद्रीय बैंक का कहना है कि इस तरह के हस्तक्षेप विनिमय दर को एक निश्चित स्तर पर स्थिर रखने के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक अनिश्चितता के समय में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए हैं।

हाल के हफ्तों में विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार वृद्धि हो रही है। 5 सितंबर को समाप्त सप्ताह में यह 4.03 अरब डॉलर की वृद्धि के साथ 698.26 अरब डॉलर तक पहुँच गया था।

जबकि इससे पिछले सप्ताह बीते महीने अगस्त के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार 3.51 अरब डॉलर बढ़कर 694.2 अरब डॉलर हो गया था।

पिछले सप्ताह भी, केंद्रीय बैंक के आंकड़ों से पता चला था कि विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) 54 करोड़ डॉलर बढ़कर 584.47 अरब डॉलर हो गईं।

विश्लेषकों का कहना है कि रिकॉर्ड ऊचाइयों के करीब मजबूत बफर स्टॉक भारत को बाहरी झटकों से निपटने, रुपए को मजबूत करने और खासकर अनिश्चित वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच वैश्विक निवेशकों को विश्वास दिलाने में मदद करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

हम इस बात पर ध्यान केंद्रित करते हैं कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार न केवल आर्थिक स्थिरता का प्रतीक है, बल्कि यह बाहरी झटकों के खिलाफ एक सुरक्षा कवच भी है। यह वृद्धि दर्शाती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही है, जो वैश्विक निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कितने डॉलर बढ़ा?
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.69 अरब डॉलर बढ़कर 702.9 अरब डॉलर पर पहुँच गया है।
विदेशी मुद्रा भंडार में क्या शामिल है?
विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ, स्वर्ण भंडार और विशेष आहरण अधिकार ( एसडीआर ) शामिल हैं।
विदेशी मुद्रा भंडार का महत्व क्या है?
विदेशी मुद्रा भंडार एक फाइनेंशियल सेफ्टी नेट का काम करता है, जो आर्थिक स्थिरता और मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप में मदद करता है।
राष्ट्र प्रेस
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