क्या भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की जीवीए ग्रोथ वित्त वर्ष 24 में 11.89 प्रतिशत रही?

सारांश
Key Takeaways
- भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की जीवीए ग्रोथ 11.89 प्रतिशत रही।
- औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि 5.80 प्रतिशत हुई।
- रोजगार में 5.92 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
- तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र में सबसे अधिक फैक्ट्री नौकरियां हैं।
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का जीडीपी में योगदान 17 प्रतिशत है।
नई दिल्ली, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) वृद्धि दर वित्त वर्ष 24 में 11.89 प्रतिशत दर्ज की गई है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 7.3 प्रतिशत थी। यह जानकारी बुधवार को जारी हुए एनुअल सर्वे ऑफ इंडस्ट्रीज (एएसआई) में प्रस्तुत की गई।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि अप्रैल 2023 से मार्च 2024 तक देश का औद्योगिक उत्पादन 5.80 प्रतिशत बढ़ा है।
रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त वर्ष 24 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार में वर्ष दर वर्ष 5.92 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले एक दशक में इस क्षेत्र में 57 लाख से अधिक नई नौकरियों का सृजन हुआ है और वित्त वर्ष 24 में 1,95,89,131 वर्कर्स फैक्टरी जॉब्स में शामिल थे।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की जीवीए ग्रोथ में सबसे अधिक योगदान देने वाली शीर्ष पांच उद्योगों में बेसिक मेटल, मोटर इंश्योरेंस, केमिकल प्रोडक्ट्स, फूड प्रोडक्ट्स और फार्मास्युटिकल्स शामिल हैं।
सर्वे के अनुसार, तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक रोजगार रैंकिंग में सबसे ऊपर हैं, जहां सबसे अधिक संख्या में फैक्ट्री नौकरियां उपलब्ध कराई गई हैं।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर भारत के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 17 प्रतिशत का योगदान करता है और कई एएसआई सर्वेक्षणों से प्राप्त स्थिर वृद्धि ने कोविड-19 के बाद विशेष रूप से श्रम-प्रधान राज्यों में आर्थिक सुधार और नई नौकरियों के सृजन का संकेत दिया है।
अमेरिका द्वारा भारतीय आयातों पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने के बाद, अर्थशास्त्रियों का मानना है कि भारत को इस निर्णायक क्षण का उपयोग 'मेक इन इंडिया 2.0' को तेजी देने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने और निर्यात बाजारों में विविधता लाने के लिए करना चाहिए।
एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट में पिछले सप्ताह बताया गया था कि अधिक विवेकाधीन खर्च के कारण, इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी 6.8 प्रतिशत से 7 प्रतिशत के बीच बढ़ने की संभावना है। इस तिमाही के लिए जीवीए वृद्धि 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।