क्या जीडीपी में 8.2 फीसद की उछाल भारत की आर्थिक शक्ति का प्रतीक है? मंत्री संजय सेठ
सारांश
Key Takeaways
- जीडीपी में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि एक महत्वपूर्ण संकेत है।
- प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व और स्वदेशीकरण की अवधारणा को अपनाना महत्वपूर्ण रहा है।
- भारत जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
रांची, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि को देश की आर्थिक शक्ति का प्रतीक बताया।
उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि जीडीपी में यह वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि हमारा देश तेजी से प्रगति कर रहा है। इसे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। यह भी स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातें जनता गंभीरता से सुनती है और उन पर अमल करती है। हम देश के आर्थिक हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ही लोगों ने स्वदेशीकरण को अपनाया है। जनसामान्य ने देश में निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। आज की इस सफलता का परिणाम ही है कि हम इस स्तर तक पहुँच सके हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि हम इस गति को बनाए रखेंगे।
रक्षा राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि आज हर नागरिक स्वदेशीकरण की अवधारणा को अपने जीवन में स्थान देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उनका सवाल था कि क्या कोई दुकानदार अपनी दुकान के बाहर स्वदेशीकरण को लागू करने के लिए कोई बोर्ड नहीं लगा सकता? उनका मानना है कि यह संभव है। हमने स्वदेशीकरण को गंभीरता से लिया है और नतीजतन, आज हम वैश्विक मंच पर एक बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में उभरे हैं।
उन्होंने दावा किया कि जीडीपी में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि ने साबित कर दिया है कि हमारा देश बहुत जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है।