मनोज झा ने सोनम वांगचुक की रिहाई पर उठाए गंभीर सवाल, छह महीने की भरपाई कौन करेगा?
सारांश
Key Takeaways
- सोनम वांगचुक की रिहाई पर उठाए गए सवाल
- बिहार के सारण में छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना
- निर्दोषों के लिए न्याय की आवश्यकता
- सरकार की सुरक्षा नीतियों पर सवाल
नई दिल्ली, १५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजद के राज्यसभा सदस्य मनोज कुमार झा ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई और बिहार के सारण में हुए हालिया घटनाक्रम पर सरकार से सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा, "यह केवल सोनम वांगचुक की रिहाई का मामला नहीं है, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि उन पर लगाया गया मामला पूरी तरह से झूठा और मनगढ़ंत था, जिसे अब वापस लिया गया है।"
मनोज झा ने आगे कहा, "असली सवाल यह है कि जिस झूठे मामले में उन्हें फंसाया गया था, वह वापस ले लिया गया है, लेकिन उनके छह महीने कौन लौटाएगा?"
उन्होंने यह भी बताया कि भारत में कई बार निर्दोष व्यक्तियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) जैसे कठोर कानून लगाकर उन्हें जेल में डाल दिया जाता है। जब वे वर्षों बाद निर्दोष साबित होते हैं, तो उनके खोए हुए समय की भरपाई के लिए क्या कोई व्यवस्था है?
इसके साथ ही, उन्होंने राहुल गांधी के हालिया बयान पर भी टिप्पणी की। उनका कहना था कि हमें कुछ महान व्यक्तियों को जाति या दल की सीमाओं से ऊपर रखकर देखना चाहिए। उन्होंने महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू और कांशीराम का उदाहरण देते हुए कहा कि ये सभी नेता देश की धरोहर हैं।
मनोज झा ने सारण जिले में १०वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पहले भी सरकार पर नीट मामले में पर्दा डालने का आरोप लग चुका है और अब इसी तरह की स्थिति इस मामले में भी देखने को मिल रही है।
उन्होंने कहा, "जब ऐसी घटनाएं घटती हैं, तो समाज में डर और असुरक्षा का माहौल बनता है। अगर सरकार बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती, तो फिर 'सुशासन' का दावा किस आधार पर किया जाता है।"