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क्या भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2047-48 तक 26 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है?

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क्या भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2047-48 तक 26 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है?

सारांश

भारत की अर्थव्यवस्था की भविष्यवाणियों के अनुसार, 2047-48 तक यह 26 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। प्रति व्यक्ति आय में भी जबरदस्त वृद्धि की संभावना है। जानिए इस रिपोर्ट में क्या खास है जो भारत के आर्थिक भविष्य को उजागर करता है।

मुख्य बातें

भारत की जीडीपी 2047-48 तक 26 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है।
प्रति व्यक्ति आय 15,000 डॉलर की उम्मीद है।
भारत की अर्थव्यवस्था 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी बन जाएगी।
सेवा निर्यात में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
डिजिटल अर्थव्यवस्था में 15.6 प्रतिशत की वृद्धि दर है।

नई दिल्ली, 29 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। यदि भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में 6 प्रतिशत की औसत वृद्धि दर से बढ़ती है, तो देश की जीडीपी वित्त वर्ष 2047-48 तक 26 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही, प्रति व्यक्ति आय 15,000 डॉलर तक पहुंचने की संभावना है, जो कि वर्तमान स्तर से छह गुना अधिक है। यह जानकारी ईवाई की एक रिपोर्ट में साझा की गई है।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था 2030 तक जापान और जर्मनी को पीछे छोड़कर अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी।

भारत ने विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया है, जो मुख्य रूप से इसकी आर्थिक उदारीकरण नीतियों के कारण संभव हो सका है। इन नीतियों ने भारत को अधिक बाजार-केंद्रित बनाया, निजी पूंजी की भूमिका को बढ़ाया और इस प्रक्रिया ने देश की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को भी मजबूत किया। आने वाले दशकों में भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के अनुमान किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था के मुकाबले सबसे अधिक हैं।

भारत के सेवा निर्यात में पिछले दो दशकों में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और 2021-22 में यह 254.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया। सेवा निर्यात का एक बड़ा हिस्सा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवाओं और बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) सेवाओं से आता है, जो 2021-22 में 157 अरब डॉलर था।

यह वृद्धि भारतीय मुख्यालय वाली और वैश्विक आईटी कंपनियों दोनों के कारण हुई है।

इसके अलावा, अन्य वैश्विक कॉरपोरेट्स भारत में स्थित अपने क्षमता केंद्रों के माध्यम से भारतीय प्रतिभा का लाभ उठा रहे हैं, जिनमें 50 लाख से अधिक लोग कार्यरत हैं। लागत लाभ के रूप में शुरू हुआ यह प्रयास अब उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभा और अत्याधुनिक नवाचार का एक प्रमुख स्रोत बन गया है। भारत में स्थित 1,500 वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) वैश्विक जीसीसी के 45 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2014-19 की अवधि में, अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में, डिजिटल अर्थव्यवस्था में 15.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर से 2.4 गुना अधिक थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत की अर्थव्यवस्था में वृद्धि की संभावनाएं अत्यधिक सकारात्मक हैं। देश की आर्थिक नीतियों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़ती भागीदारी के कारण, हम एक उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद कर सकते हैं।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की जीडीपी 2047-48 तक कितनी हो सकती है?
भारत की जीडीपी 2047-48 तक 26 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।
भारत की प्रति व्यक्ति आय कितनी हो सकती है?
भारत की प्रति व्यक्ति आय 15,000 डॉलर होने की उम्मीद है।
भारत की अर्थव्यवस्था किसके बाद तीसरी सबसे बड़ी बन जाएगी?
भारत की अर्थव्यवस्था 2030 तक अमेरिका और चीन के बाद तीसरी सबसे बड़ी बन जाएगी।
सेवा निर्यात में कितनी वृद्धि हुई है?
भारत के सेवा निर्यात में पिछले दो दशकों में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
डिजिटल अर्थव्यवस्था में वृद्धि दर कितनी है?
डिजिटल अर्थव्यवस्था में 2014-19 की अवधि में 15.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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