क्या जीडीपी की 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत है? : राजीव मेमानी

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क्या जीडीपी की 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत है? : राजीव मेमानी

सारांश

भारतीय जीडीपी की 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर ने सभी को चौंका दिया है। क्या यह भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान कर रही है? जानिए राजीव मेमानी के विचार और आंकड़ों के पीछे की सच्चाई।

Key Takeaways

  • 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर एक सकारात्मक संकेत है।
  • यह वृद्धि स्थिर नीति व्यवस्था का परिणाम है।
  • कृषि और निर्माण क्षेत्रों में भी अच्छी वृद्धि देखी गई है।
  • सरकारी व्यय में वृद्धि ने विकास को बढ़ावा दिया है।

नई दिल्ली, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष राजीव मेमानी ने शनिवार को बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए भारतीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर एक सकारात्मक आश्चर्य के रूप में सामने आई है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।

मेमानी ने न्यूज एजेंसी राष्ट्र प्रेस से कहा, "भारतीय जीडीपी वृद्धि का 7.8 प्रतिशत का आंकड़ा एक सकारात्मक आश्चर्य के रूप में आया है। किसी को भी इस विकास दर की उम्मीद नहीं थी।"

सीआईआई अध्यक्ष ने कहा, "यह भारत के लिए बहुत ही सकारात्मक खबर है और भारत वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में एक अलग पहचान बनाएगा और हर कोई इस पर ध्यान देगा।"

मेमानी ने बताया कि पहली तिमाही के जीडीपी विकास के आंकड़े पिछले 10 वर्षों से चली आ रही स्थिर नीति व्यवस्था को भी दर्शाते हैं।

उद्योग मंडल के अध्यक्ष ने निरंतर आर्थिक विकास के मध्यनजर सुधार लाने के लिए भारत सरकार की भी सराहना की।

सीआईआई अध्यक्ष के अनुसार, विकास विनिर्माण क्षेत्र और सेवा क्षेत्र के कई क्षेत्रों में हुआ है, इसलिए कुल मिलाकर यह काफी सकारात्मक रहा है।

मेमानी ने कहा, "जाहिर है, यह विकास गति काफी हद तक सरकारी व्यय में वृद्धि के कारण भी आई है, चाहे वह पूंजीगत और राजस्व दोनों ही क्षेत्रों में हो।"

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी व्यय में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है और इसी कारण पहली तिमाही में अभूतपूर्व विकास दर हासिल हुई है।

पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 6.5 प्रतिशत की तुलना में, भारत की जीडीपी वृद्धि अप्रैल-जून तिमाही में बढ़कर 7.8 प्रतिशत हो गई।

2025-2026 की पहली तिमाही में, कृषि क्षेत्र ने 3.7 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर के साथ वापसी की, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वृद्धि दर 1.5 प्रतिशत थी, जब कृषि उत्पादन अप्रत्याशित मानसून से प्रभावित हुआ था।

निर्माण और विनिर्माण दोनों क्षेत्रों में क्रमशः 7.6 और 7.7 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।

Point of View

यह स्पष्ट है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर एक सकारात्मक संकेत है। यह दर्शाता है कि सरकार की नीतियों और रणनीतियों का प्रभाव दिख रहा है। हमें इस दिशा में आगे बढ़ते रहने की जरूरत है ताकि हम अपनी वैश्विक स्थिति को मजबूत कर सकें।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

जीडीपी की वृद्धि दर क्या है?
जीडीपी की वृद्धि दर एक आर्थिक संकेतक है जो किसी देश की आर्थिक गतिविधियों की वृद्धि को मापता है।
राजीव मेमानी कौन हैं?
राजीव मेमानी भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष हैं।
भारत की जीडीपी वृद्धि दर का प्रभाव क्या है?
यह वृद्धि दर भारत की आर्थिक मजबूती और विकास का संकेत देती है, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ता है।