क्या गणतंत्र दिवस परेड में भारत की सैन्य शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन हुआ?

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क्या गणतंत्र दिवस परेड में भारत की सैन्य शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन हुआ?

सारांश

गणतंत्र दिवस परेड में भारत की सैन्य शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन हुआ। यह अवसर न केवल तकनीकी प्रगति का प्रतीक था, बल्कि यह स्वदेशी हथियारों के विकास को भी दर्शाता है। जानें इस ऐतिहासिक दिन की खास बातें और झांकियों की विविधता।

Key Takeaways

  • आधुनिक सैन्य ताकत का प्रदर्शन
  • स्वदेशी हथियारों की प्रगति
  • गणतंत्र दिवस का महत्व
  • सैन्य फॉर्मेशन की विविधता
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आज भारत अपने 77वें गणतंत्र दिवस का उत्सव मना रहा है। सोमवार को कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में भारत की आधुनिक सैन्य शक्ति का एक शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। इस अवसर पर डीआरडीओ द्वारा विकसित लॉन्ग रेंज एंटी-शिप मिसाइल (एलआर-एएसएचएम), ब्रह्मोस, आकाश हथियार प्रणाली और स्वदेशी लेजर हथियार 'सूर्यास्त्र' प्रदर्शित किए गए।

परेड में ऑपरेशन सिंदूर की झांकी ने सबका ध्यान खींचा। आसमान में पैराट्रूपर्स की शानदार एंट्री हुई, जबकि पहली बार सूर्यास्त्र समेत कई नए स्वदेशी हथियारों का भव्य प्रदर्शन किया गया। इस खास मौके पर एमआई-17 हेलिकॉप्टर ने दर्शकों और विशिष्ट अतिथियों पर फूलों की वर्षा कर माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया।

परेड में तोपखाने की आधुनिक प्रणालियों को भी दिखाया गया। इनमें धनुष 155 मिमी, 45 कैलिबर टोड आर्टिलरी गन और अमोघ एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस) शामिल रहीं।

इस दौरान आसमान में राफेल लड़ाकू विमान ने कर्तव्य पथ पर उड़ान भरी, जबकि अपाचे हेलीकॉप्टर ने भी परेड में भाग लिया, जिसने दर्शकों में जोश भर दिया।

हेलिकॉप्टर फॉर्मेशन ने लोगों के उत्साह को चरम पर पहुंचा दिया। गरुड़ फॉर्मेशन में अपाचे और प्रहार फॉर्मेशन में रुद्र हेलीकॉप्टर आसमान में नजर आए। पूरा कर्तव्य पथ तालियों और उत्साह से गूंज उठा। विशेष रूप से गरुड़ फॉर्मेशन में उड़ते अपाचे एएच-64ई हेलिकॉप्टर ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही आसमान में अपाचे के दो हेलिकॉप्टर नजर आए, दर्शक उन्हें एकटक देखते रह गए। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस नजारे को ध्यान से देखते दिखाई दिए। अपाचे हेलीकॉप्टर इस परेड का नया और सबसे बड़ा आकर्षण बनकर उभरे।

गणतंत्र दिवस भारत के इतिहास का एक महत्वपूर्ण दिन है। इसी दिन 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू हुआ और भारत को एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया। तभी से हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। इस साल इसका 77वां आयोजन है।

गणतंत्र दिवस 2026 की थीम 'वंदे मातरम् के 150 वर्ष' है। इस थीम के अंतर्गत कुल 30 झांकियां प्रदर्शित की गईं, जिनमें 17 झांकियां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की थीं, जबकि 13 झांकियां विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं द्वारा प्रस्तुत की गईं।

Point of View

बल्कि यह देश की एकता और अखंडता का भी प्रतीक है।
NationPress
07/02/2026

Frequently Asked Questions

गणतंत्र दिवस परेड में कौनसे प्रमुख हथियार प्रदर्शित हुए?
गणतंत्र दिवस परेड में डीआरडीओ द्वारा विकसित लॉन्ग रेंज एंटी-शिप मिसाइल, ब्रह्मोस, आकाश हथियार प्रणाली और स्वदेशी लेजर हथियार 'सूर्यास्त्र' प्रदर्शित किए गए।
गणतंत्र दिवस का इतिहास क्या है?
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान के लागू होने के दिन मनाया जाता है, जब भारत को एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस की थीम क्या है?
गणतंत्र दिवस 2026 की थीम 'वंदे मातरम् के 150 वर्ष' है।
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