20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत को अमेरिका-ईरान युद्धविराम की पहल करनी चाहिए थी: वारिस पठान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत को अमेरिका-ईरान युद्धविराम की पहल करनी चाहिए थी: वारिस पठान

सारांश

वारिस पठान ने अमेरिका-ईरान संघर्ष में युद्धविराम की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने भारत को विश्व गुरु की भूमिका निभाने और पहल करने का सुझाव दिया। साथ ही, आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त किया।

मुख्य बातें

भारत को अमेरिका-ईरान युद्धविराम की पहल करनी चाहिए थी।
युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है।
आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक।

मुंबई, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) के नेता वारिस पठान ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। भारत को विश्व गुरु की भूमिका निभाते हुए ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम स्थापित करने के लिए पहल करनी चाहिए थी।

वारिस पठान ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हमें युद्धविराम होने की खुशी है, क्योंकि इससे अनगिनत बेकसूर लोगों की जानें बच सकती थीं और अर्थव्यवस्था भी स्थिर हो सकती थी। हमने सोचा था कि बातचीत का नतीजा सकारात्मक होगा और सभी समस्याएं हल हो जाएंगी।

उन्होंने कहा कि अगर 21 घंटे की बातचीत के बाद युद्धविराम हुआ है तो यह एक अच्छी बात है, लेकिन हम चाहते थे कि भारत पहल करे। भारत एक विश्व गुरु है, इसलिए हमें ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम को स्थापित करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी।

वारिस पठान ने एक तंज करते हुए कहा कि एक ऐसा देश जो हमेशा आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है, वह अब युद्धविराम करवा रहा है और लोग उसके पास जा रहे हैं। यह सब भारत को करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि आगे की स्थिति कूटनीतिक संबंधों पर निर्भर करेगी।

पठान ने भारत की विदेश नीति को स्पष्ट और सख्त बनाने की मांग की। उन्होंने प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आशा जी एक बहुत ही जानी-मानी हस्ती थीं, जिनके गाने देशभर में सुने जाते हैं। हम उनके गानों को बचपन से सुनते आ रहे हैं। वह एक अद्भुत इंसान थीं।

उन्होंने कहा कि उनके निधन से बॉलीवुड में शोक का माहौल है। यह फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा नुकसान है। हम उनके सुपरहिट गानों को कभी नहीं भूलेंगे। वारिस पठान ने आशा जी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और भगवान से प्रार्थना की कि उन्हें इस दुख को सहन करने की शक्ति मिले।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत की वैश्विक छवि भी मजबूत होगी।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

युद्धविराम की आवश्यकता क्यों है?
युद्धविराम से बेकसूर लोगों की जानें बचाई जा सकती हैं और आर्थिक स्थिति स्थिर हो सकती है।
भारत को युद्धविराम में भूमिका क्यों निभानी चाहिए?
भारत एक विश्व गुरु के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए वैश्विक शांति के लिए पहल कर सकता है।
वारिस पठान ने किस बारे में बात की?
उन्होंने अमेरिका-ईरान संघर्ष में युद्धविराम की आवश्यकता और आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले