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क्या अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर भारत में उत्साह है?

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क्या अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर भारत में उत्साह है?

सारांश

अरविंद पनगढ़िया ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर भारत में उत्साह का जिक्र किया है, जो कि भारतीय उद्योगों को निर्यात के बड़े बाजार में प्रवेश दिला सकता है। जानिए इस समझौते से भारत को क्या लाभ मिल सकता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में क्या बदलाव आ सकते हैं।

मुख्य बातें

भारत में अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के प्रति उत्साह।
भारतीय उद्योगों के लिए नए निर्यात बाजार।
यूरोपीय संघ के साथ भविष्य के समझौते की संभावना।
अर्थव्यवस्था को मुक्त बनाने की आवश्यकता।
व्यापार गतिशीलता में बदलाव।

नई दिल्ली, 26 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने कहा है कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के प्रति भारत में विशेष उत्साह और उत्सुकता है, जिससे भारतीय उद्योगों को एक विशाल निर्यात बाजार तक पहुंच बनाने में सहायता मिलेगी।

सीएसआईएस चेयर ऑन इंडिया एंड इमर्जिंग एशिया इकोनॉमिक्स द्वारा न्यूयॉर्क में आयोजित एक कार्यक्रम में पनगढ़िया ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता देश के वैश्विक निवेश परिदृश्य में महत्वपूर्ण सफलता ला सकता है।

उन्होंने 'राइजिंग इंडिया' के लिए अपने दृष्टिकोण को साझा करते हुए कहा, "व्यापक हित में, विशेष रूप से वर्तमान व्यापार शुल्क के संदर्भ में, अर्थव्यवस्था को अधिक मुक्त बनाने की आवश्यकता है। जब आप व्यापार समझौते करते हैं, तो आपको अपने निर्यात के लिए बड़े बाजारों तक पहुंच मिलती है।"

संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा शुल्क बढ़ाने के मौजूदा संदर्भ ने दुनिया में एक नई व्यापार गतिशीलता उत्पन्न कर दी है।

उन्होंने कहा, "मुझे जो संकेत मिल रहे हैं, उनसे प्रतीत होता है कि अमेरिकी व्यापार समझौते को लेकर काफी उत्सुकता है। मुझे इस समझौते के साथ-साथ यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ होने वाले भविष्य के समझौते के बारे में भी उत्साह दिखाई दे रहा है।"

भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के सफल समापन के बाद, अब सभी की निगाहें यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ होने वाले व्यापार समझौते पर टिकी हैं।

भारत और यूरोपीय संघ जून 2022 से एफटीए पर बातचीत कर रहे हैं और 12 दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है, जिसमें आखिरी दौर जुलाई 2025 में होगा। भारत और यूरोपीय संघ ने 2025 के अंत तक एक मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति बनाने का लक्ष्य रखा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका भारत के साथ एक व्यापार समझौते के करीब है। वाणिज्य विभाग में विशेष सचिव राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में भारतीय वार्ता दल ने इसी महीने वाशिंगटन का दौरा किया था।

पनगढ़िया ने कहा, "मैं अपने वर्तमान पद पर रहते हुए सरकार का हिस्सा नहीं हूं, लेकिन अमेरिका और अन्य देशों के साथ व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर करने में हमारी गहरी रुचि है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। हमें इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और अमेरिका के व्यापार समझौते का क्या महत्व है?
यह समझौता भारतीय उद्योगों को बड़े निर्यात बाजारों तक पहुंचने में मदद करेगा और वैश्विक निवेश को आकर्षित करेगा।
क्या यह समझौता भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा?
हां, यह समझौता भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा और रोजगार के अवसर बढ़ाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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