क्या तेलंगाना में माता-पिता की देखभाल न करने वाले कर्मचारियों की सैलरी में 10 फीसदी की कटौती होगी?

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क्या तेलंगाना में माता-पिता की देखभाल न करने वाले कर्मचारियों की सैलरी में 10 फीसदी की कटौती होगी?

सारांश

तेलंगाना सरकार ने एक महत्वपूर्ण कानून का प्रस्ताव रखा है जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 10 प्रतिशत की कटौती करना है। यह कदम उन कर्मचारियों के लिए है जो अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करते हैं। यह पैसा सीधे माता-पिता के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा, जिससे बुजुर्गों की स्थिति में सुधार हो सकेगा।

Key Takeaways

  • सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 10 प्रतिशत की कटौती होगी।
  • पैसा सीधे माता-पिता के खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।
  • सरकार ने 50 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है।
  • दिव्यांग व्यक्तियों के लिए नई योजनाएं शुरू की जा रही हैं।
  • ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को को-ऑप्शन सदस्य के रूप में नामित किया जाएगा।

हैदराबाद, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना सरकार एक नया कानून लाने जा रही है जिसके तहत उन सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से 10 प्रतिशत की कटौती की जाएगी जो अपने माता-पिता का ध्यान नहीं रखते हैं। यह राशि सीधे माता-पिता के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को कहा कि बूढ़े माता-पिता द्वारा की गई शिकायतों को गंभीरता से लेना आवश्यक है और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सैलरी का 10 प्रतिशत सीधे माता-पिता के खाते में भेजा जाए

उन्होंने यह भी बताया कि दिव्यांग व्यक्तियों को विभिन्न सुविधाएं जैसे रेट्रोफिटेड मोटराइज्ड वाहन, बैटरी से चलने वाली तिपहिया साइकिल, बैटरी व्हीलचेयर, लैपटॉप, सुनने की मशीन और मोबाइल फोन मुफ्त में दिए जाएंगे।

सरकार ने इस नई योजना के लिए 50 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है। इसके साथ ही, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'प्रणाम' नामक डे-केयर सेंटर भी स्थापित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 2026-2027 के बजट में नई स्वास्थ्य नीति पेश की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इसके अलावा, उन्होंने घोषणा की कि आगामी चुनावों में सभी नगर निगमों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को को-ऑप्शन सदस्य के रूप में नामित किया जाएगा, जिससे उन्हें अपनी समस्याओं को उठाने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी सरकार मानवीय दृष्टिकोण से काम कर रही है ताकि दिव्यांग व्यक्ति समाज में आत्म-सम्मान के साथ रह सकें।"

दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सशक्तिकरण की दिशा में, उन्होंने कहा कि उन्हें शिक्षा और रोजगार में विशेष कोटा दिया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि नवविवाहित दिव्यांग व्यक्तियों को 2 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने दिव्यांग व्यक्तियों को अवसर प्रदान करने की अपील की ताकि वे इस प्रतिस्पर्धात्मक दुनिया में पीछे न रह जाएं।

उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री जयपाल रेड्डी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने दिव्यांगता के बावजूद बड़ी ऊंचाइयों को छुआ।

Point of View

इस कानून को लागू करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे कि शिकायतों की सत्यता की जांच करना।
NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

यह कानून कब लागू होगा?
इस कानून के लागू होने की तिथि अभी निर्धारित नहीं की गई है, लेकिन इसे जल्द ही लागू करने की योजना है।
क्या यह कानून सभी सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगा?
हाँ, यह कानून सभी सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगा जो अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करते हैं।
क्या माता-पिता को इस सैलरी कटौती की जानकारी मिलेगी?
जी हाँ, माता-पिता को इस सैलरी कटौती के बारे में सूचित किया जाएगा।
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