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क्या भारत में ईएंडपी कंपनियों ने हाइड्रोकार्बन क्षेत्रों की खोज में नया रिकॉर्ड बनाया?

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क्या भारत में ईएंडपी कंपनियों ने हाइड्रोकार्बन क्षेत्रों की खोज में नया रिकॉर्ड बनाया?

सारांश

भारत में तेल और गैस की खोजों में नया उछाल देखने को मिला है। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने संसद में बताया कि 2015 से अब तक 172 हाइड्रोकार्बन क्षेत्र खोजे गए हैं, जिनमें 62 अपतटीय क्षेत्र शामिल हैं। यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा।

मुख्य बातें

भारत ने 2015 से 172 हाइड्रोकार्बन क्षेत्र खोजे हैं।
2022 में पूर्व 'नो-गो' अपतटीय क्षेत्रों को खोला गया।
अंडमान-निकोबार अपतटीय बेसिन की हाइड्रोकार्बन क्षमता 371 एमएमटीओई है।
ओएनजीसी ने 20 ब्लॉक में खोज की है।
भूकंपीय सर्वेक्षण 2024 में पूरा होगा।

नई दिल्ली, 29 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को संसद में जानकारी दी कि भारत में तेल और गैस की खोज में एक नया मोड़ आया है। इस पहल के अंतर्गत 2022 में लगभग दस लाख वर्ग किलोमीटर के पूर्व 'नो-गो' अपतटीय क्षेत्रों को खोला गया।

मंत्री पुरी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, "इस कदम से विशेष रूप से अंडमान-निकोबार (एएन) अपतटीय बेसिन जैसे गहरे पानी के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण अन्वेषण क्षेत्र खुल गए हैं। इसके साथ ही, अपतटीय अन्वेषण गतिविधियों में तेजी आई है।"

उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 से भारत में कार्यरत अन्वेषण और उत्पादन (ईएंडपी) कंपनियों ने 172 हाइड्रोकार्बन क्षेत्र खोजे हैं, जिनमें से 62 अपतटीय क्षेत्रों में हैं।

उन्होंने बंगाल-अराकान तलछट प्रणाली के अंतर्गत अंडमान और निकोबार अपतटीय बेसिन के भूवैज्ञानिक महत्व को उजागर किया, जो इस बेसिन के जंक्शन पर स्थित है।

उन्होंने कहा कि भारतीय और बर्मी प्लेटों की सीमा पर स्थित टेक्टोनिक सेटिंग ने कई स्ट्रेटीग्राफिक ट्रैप्स का निर्माण किया है, जो हाइड्रोकार्बन संचय के लिए अनुकूल हैं।

केंद्रीय मंत्री पुरी ने बताया कि ओएनजीसी ने 20 ब्लॉक में हाइड्रोकार्बन खोजें की हैं, जिनमें अनुमानित 75 मिलियन मीट्रिक टन तेल समतुल्य (एमएमटीओई) भंडार है। ऑयल इंडिया लिमिटेड ने पिछले चार वर्षों में सात तेल और गैस स्रोतों की खोज की है, जिनमें अनुमानित 9.8 मिलियन बैरल तेल और 2,706.3 मिलियन मानक घन मीटर गैस भंडार है।

हाइड्रोकार्बन रिसोर्स असेस्मेंट स्टडी (एचआरएएस) 2017 का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की हाइड्रोकार्बन क्षमता 371 एमएमटीओई आंकी गई थी।

उन्होंने बताया कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अपतटीय क्षेत्र सहित भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र के लगभग 80,000 लाइन किलोमीटर को कवर करने वाला एक 2डी ब्रॉडबैंड भूकंपीय सर्वेक्षण 2024 में पूरा हो जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

खोज के नए क्षेत्रों से निवेश और विकास के अवसर बढ़ेंगे। यह भारत के विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में हाइड्रोकार्बन क्षेत्र खोजने की प्रक्रिया क्या है?
भारत में हाइड्रोकार्बन क्षेत्र खोजने की प्रक्रिया में भूवैज्ञानिक अध्ययन, सर्वेक्षण और परीक्षण शामिल होते हैं।
कितने हाइड्रोकार्बन क्षेत्र खोजे गए हैं?
भारत में 2015 से 172 हाइड्रोकार्बन क्षेत्र खोजे गए हैं।
ओएनजीसी ने कितने ब्लॉक में खोज की है?
ओएनजीसी ने 20 ब्लॉक में हाइड्रोकार्बन खोजें की हैं।
अंडमान-निकोबार का भूवैज्ञानिक महत्व क्या है?
अंडमान-निकोबार का भूवैज्ञानिक महत्व इसकी टेक्टोनिक सेटिंग और हाइड्रोकार्बन संचय की संभावना में है।
भविष्य में भारत में ऊर्जा खोजों की संभावनाएं क्या हैं?
भारत में ऊर्जा खोजों की संभावनाएं बढ़ रही हैं, जिससे निवेश और विकास के नए अवसर मिलेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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