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क्या भारत ने पिछले 10 सालों में 2,361 मेगावाट बायोमास क्षमता जोड़ी?

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क्या भारत ने पिछले 10 सालों में 2,361 मेगावाट बायोमास क्षमता जोड़ी?

सारांश

भारत ने पिछले 10 वर्षों में 2,361 मेगावाट बायोमास क्षमता जोड़ी है, जो ग्रीन एनर्जी में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह उपलब्धि विभिन्न सरकारी प्रोत्साहनों के माध्यम से संभव हुई है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है। जानें इस महत्वाकांक्षी योजना के बारे में और इसके प्रभाव को।

मुख्य बातें

भारत ने 2,361 मेगावाट बायोमास क्षमता जोड़ी है।
228 मेगावाट वेस्ट-टू-एनर्जी क्षमता स्थापित की गई है।
सरकार ने 2.88 लाख बायोगैस प्लांट्स स्थापित किए हैं।
राष्ट्रीय बायोएनर्जी प्रोग्राम के तहत 998 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।
ग्रीन एनर्जी में हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक हो गई है।

नई दिल्ली, 17 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने पिछले 10 वर्षों में 2,361 मेगावाट बायोमास क्षमता, 228 मेगावाट वेस्ट-टू-एनर्जी क्षमता और 2.88 लाख बायोगैस प्लांट्स स्थापित किए हैं। यह सफलता सरकार द्वारा ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए प्रदान किए गए विभिन्न प्रोत्साहनों के परिणामस्वरूप प्राप्त हुई है। केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने यह जानकारी लोकसभा में साझा की।

केंद्रीय राज्य मंत्री नाइक ने बताया कि मंत्रालय भारत में बायोएनर्जी प्रोजेक्ट्स को नेशनल बायोएनर्जी प्रोग्राम (एनबीपी) के चरण-1 के तहत समर्थन करता है, जिसे 2 नवंबर 2022 को नोटिफाई किया गया था। इसके लिए 2022-23 से 2025-26 तक की अवधि के लिए 998 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया था।

पिछले दस वर्षों में सरकार ने राष्ट्रीय बायोगैस और खाद प्रबंधन कार्यक्रम (एनबीएमएमपी) और नई राष्ट्रीय बायोगैस और जैविक खाद कार्यक्रम (एनएनबीओएमपी) जैसी कई योजनाओं के माध्यम से बायोएनर्जी प्रोजेक्ट्स को प्रोत्साहित किया है।

इसके अतिरिक्त, ग्रिड इंटरएक्टिव बायोमास पावर और शुगर मिल्स में बैगास को-जनरेशन को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं लागू की गई हैं। साथ ही, शहरी, औद्योगिक और कृषि अपशिष्टों से ऊर्जा उत्पन्न करने के कार्यक्रम भी आरंभ किए गए थे।

अब सरकार का यह कार्यक्रम को-जनरेशन के साथ-साथ पावर जनरेशन के लिए पेलेट्स (छर्रे) और ब्रीकेट्स (ईंधन-ईंटें) के उत्पादन को भी बढ़ावा दे रहा है और इसके लिए वित्तीय प्रोत्साहन भी प्रदान कर रहा है, ताकि पेलेट्स और ब्रीकेट्स का उत्पादन बढ़ सके।

यह योजना थर्मल पावर प्लांट्स में बायोमास के सह-दहन पर राष्ट्रीय मिशन के कार्यान्वयन में सहयोग करती है। इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से उत्तरी राज्यों में, पराली जलाने की प्रथा को घटाना है।

देश के एनर्जी मिक्स में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़कर 50 प्रतिशत से अधिक हो गई है। साथ ही, ग्रीन एनर्जी क्षमता बढ़कर 250 गीगावाट से अधिक हो गई है। वहीं, देश सोलर एनर्जी में भी तेजी से विकास कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत करेगा। आम जनता के लिए यह एक सकारात्मक विकास है, जो भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में मौलिक बदलाव ला सकता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने बायोमास ऊर्जा में कितनी क्षमता जोड़ी है?
भारत ने पिछले 10 वर्षों में 2,361 मेगावाट बायोमास क्षमता जोड़ी है।
सरकार ने ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने विभिन्न प्रोत्साहनों के माध्यम से बायोएनर्जी प्रोजेक्ट्स का समर्थन किया है।
बायोगैस प्लांट्स की संख्या कितना है?
भारत में 2.88 लाख बायोगैस प्लांट्स स्थापित किए गए हैं।
सरकार का राष्ट्रीय बायोएनर्जी प्रोग्राम कब शुरू हुआ?
यह कार्यक्रम 2 नवंबर 2022 को नोटिफाई किया गया था।
क्या बायोमास ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाने के लिए कोई वित्तीय प्रोत्साहन है?
हाँ, सरकार पेलेट्स और ब्रीकेट्स के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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