भायंदर रेलवे और पुलिस स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी, विरार की 72 वर्षीय महिला से पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
भायंदर रेलवे स्टेशन और भायंदर पुलिस स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद 21 अक्टूबर 2026 को मुंबई महानगर क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियाँ हरकत में आ गईं। बुधवार दोपहर करीब 3 बजे मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस मुख्यालय को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल दोनों स्थानों पर सुरक्षा जाँच शुरू कर दी और डॉग स्क्वॉड तैनात किया।
ईमेल में क्या था
प्राप्त ईमेल में 'वैशाली रुमडे 9802' नाम का इस्तेमाल किया गया था। ईमेल में कथित तौर पर दावा किया गया कि रोहन सिंह नामक व्यक्ति की पत्नी पार्वती सिंह की हत्या हुई है और इस कथित हत्या के लिए उज्ज्वला सावरकर और अनन्या सावरकर नामक दो महिलाओं को जिम्मेदार ठहराया गया।
ईमेल में यह भी दावा किया गया कि अमेरिका से बम लाकर संबंधित स्थानों पर लगाया गया है। पुलिस इन दावों की सत्यता की जाँच कर रही है। गौरतलब है कि धमकी में उल्लिखित नाम और घटनाक्रम कितने सत्य हैं, यह अभी तक स्थापित नहीं हो सका है।
मुख्य घटनाक्रम
धमकी मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने भायंदर रेलवे स्टेशन और भायंदर पुलिस स्टेशन परिसर की विस्तृत तलाशी ली। डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते की मदद से परिसर की जाँच की गई। स्टेशन पर कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल रहा, क्योंकि यह मुंबई से सटा एक प्रमुख स्टेशन है जहाँ से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं।
संदिग्ध से पूछताछ
जाँच के दौरान बोलिंज पुलिस ने विरार निवासी 72 वर्षीय उज्ज्वला सावरकर का पता लगाकर उनसे पूछताछ शुरू की है। पुलिस यह स्थापित करने की कोशिश कर रही है कि धमकी भरा ईमेल उन्होंने भेजा था या किसी अन्य व्यक्ति ने उनके नाम का दुरुपयोग किया। उज्ज्वला सावरकर ने अधिकारियों को बताया है कि उनका मोबाइल फोन खो गया है, जो जाँच की दिशा में एक महत्वपूर्ण सूत्र बन सकता है।
जाँच का दायरा
पुलिस अभी ईमेल के स्रोत, ईमेल में उल्लिखित रोहन सिंह, पार्वती सिंह और अनन्या सावरकर की पहचान, तथा कथित हत्या से जुड़े दावों की स्वतंत्र जाँच कर रही है। यह पता लगाना भी जरूरी है कि ईमेल किसने, कहाँ और किस उद्देश्य से भेजा। अधिकारियों के अनुसार धमकी के पीछे की वास्तविक मंशा अभी तक स्पष्ट नहीं है।
आगे क्या होगा
पुलिस ने दोनों स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और ईमेल की साइबर फॉरेंसिक जाँच की जा रही है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मुंबई महानगर क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से ही सतर्क हैं। जाँच के नतीजे आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।