क्या भुवनेश्वर में कानून-व्यवस्था पर नवीन पटनायक का हमला सही है?
सारांश
Key Takeaways
- कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रश्न उठते हैं।
- महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
- सरकार को सक्रिय कदम उठाने की जरूरत है।
भुवनेश्वर, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में एक नाबालिग के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने बीजू जनता दल (बीजेडी) के अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक को राज्य की कानून-व्यवस्था पर कड़ी आपत्ति जताने पर मजबूर कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष पटनायक ने इस घटना को अत्यंत विचलित करने वाला बताते हुए कहा कि यह राज्य की राजधानी में बढ़ती बर्बरता और अराजकता को दर्शाता है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि अपराधी दिन-ब-दिन बेखौफ होते जा रहे हैं और सरकार की विश्वसनीयता धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार कब जागेगी और कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभालने के लिए ठोस कदम उठाएगी। यह गंभीर घटना इस बात का संकेत है कि राज्य में कानून का डर समाप्त होता जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाने में सरकार की नाकामी आम जनता के बीच भय का माहौल पैदा कर रही है। महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि राजधानी भुवनेश्वर में महिलाओं और बच्चियों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने में भाजपा सरकार पूरी तरह विफल रही है, जो उसकी अक्षमता और असंवेदनशीलता को उजागर करता है।
पटनायक ने कहा कि इस तरह की घटनाएं केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि समाज और शासन व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह महज बयानबाजी के बजाय सख्त और सक्रिय कदम उठाए, ताकि अपराधियों में कानून का भय पैदा हो और पीड़ितों को न्याय मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता का भरोसा कानून-व्यवस्था से पूरी तरह उठ जाएगा। बीजेडी अध्यक्ष ने सरकार से मांग की कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और दोषियों के खिलाफ त्वरित व कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।