क्या बिहार चुनाव में विपक्ष की हार के पीछे अति आत्मविश्वास और टिकट बंटवारा जैसे कारण थे?
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पटना, १६ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने एक शानदार जीत हासिल की, जबकि महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा। अब विपक्षी दलों की हार पर समीक्षा बैठक होने वाली है। इसी बीच, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार में कलह की खबरें आ रही हैं।
लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी ने आरोप लगाया कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के भाई साधु यादव ने कहा कि आत्मचिंतन की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में साधु यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को मिली हार और परिवार के बीच चल रही कलह पर चर्चा की।
रोहिणी आचार्य के मामले में उन्होंने कहा कि हम किसी का नाम नहीं ले सकते, न ही खुलकर बोल सकते हैं, लेकिन इस पर गहन चिंतन और विचार-विमर्श की आवश्यकता है।
विधानसभा चुनाव में महागठबंधन द्वारा तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार और मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री का उम्मीदवार बनाने के फैसले को साधु यादव ने अति आत्मविश्वास करार दिया।
साधु यादव ने कहा कि किसी को भी अति आत्मविश्वास या आत्म-घोषणा नहीं करनी चाहिए। कोई कह रहा था, 'मैं मुख्यमंत्री बनूंगा,' कोई कह रहा था, 'मैं उप-मुख्यमंत्री बनूंगा।' ये दावे उन्होंने ख़ुद किए, लेकिन जनता ने कभी नहीं कहा कि वे उन्हें मुख्यमंत्री या उप-मुख्यमंत्री बनाएंगे। जनता ने कभी नहीं कहा; वे ख़ुद ही घोषणा करते रहे। इसके अलावा हार के कई कारण भी हैं, जिनमें एक टिकट बंटवारा भी है। मुझे लगता है कि आत्मचिंतन करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि राजद का प्रदर्शन ख़राब हुआ है। यह स्वीकार्य नहीं है। इसे समझने और इस पर विचार करने की ज़रूरत है। ध्यान से सोचने और सुधार करने की ज़रूरत है।
विधानसभा चुनाव के परिणाम को लेकर उन्होंने कहा कि कहना तो नहीं चाहिए, लेकिन यह लोकतंत्र को मजबूत करने का मामला है। कहीं न कहीं लोकतंत्र कमजोर है और मजबूत नहीं दिखता।
आपको बता दें कि १४ नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव का परिणाम घोषित किया गया। एनडीए ने २०२ सीट जीतकर ऐतिहासिक जनादेश हासिल किया है।