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क्या बिहार चुनाव में विपक्ष की हार के पीछे अति आत्मविश्वास और टिकट बंटवारा जैसे कारण थे?

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क्या बिहार चुनाव में विपक्ष की हार के पीछे अति आत्मविश्वास और टिकट बंटवारा जैसे कारण थे?

सारांश

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक जीत और महागठबंधन की हार पर साधु यादव की टिप्पणियां। हार के पीछे अति आत्मविश्वास और टिकट बंटवारे जैसे कारणों की चर्चा। क्या राजद को अपनी रणनीति में सुधार की आवश्यकता है? जानिए साधु यादव के विचार।

मुख्य बातें

एनडीए की जीत बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय है।
महागठबंधन को हार के कारणों का गहन अध्ययन करना चाहिए।
बिहार विधानसभा चुनाव में राजद का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।
आत्मचिंतन और सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए सुधारों की जरूरत है।

पटना, १६ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने एक शानदार जीत हासिल की, जबकि महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा। अब विपक्षी दलों की हार पर समीक्षा बैठक होने वाली है। इसी बीच, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार में कलह की खबरें आ रही हैं।

लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी ने आरोप लगाया कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के भाई साधु यादव ने कहा कि आत्मचिंतन की आवश्यकता है।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में साधु यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को मिली हार और परिवार के बीच चल रही कलह पर चर्चा की।

रोहिणी आचार्य के मामले में उन्होंने कहा कि हम किसी का नाम नहीं ले सकते, न ही खुलकर बोल सकते हैं, लेकिन इस पर गहन चिंतन और विचार-विमर्श की आवश्यकता है।

विधानसभा चुनाव में महागठबंधन द्वारा तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार और मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री का उम्मीदवार बनाने के फैसले को साधु यादव ने अति आत्मविश्वास करार दिया।

साधु यादव ने कहा कि किसी को भी अति आत्मविश्वास या आत्म-घोषणा नहीं करनी चाहिए। कोई कह रहा था, 'मैं मुख्यमंत्री बनूंगा,' कोई कह रहा था, 'मैं उप-मुख्यमंत्री बनूंगा।' ये दावे उन्होंने ख़ुद किए, लेकिन जनता ने कभी नहीं कहा कि वे उन्हें मुख्यमंत्री या उप-मुख्यमंत्री बनाएंगे। जनता ने कभी नहीं कहा; वे ख़ुद ही घोषणा करते रहे। इसके अलावा हार के कई कारण भी हैं, जिनमें एक टिकट बंटवारा भी है। मुझे लगता है कि आत्मचिंतन करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि राजद का प्रदर्शन ख़राब हुआ है। यह स्वीकार्य नहीं है। इसे समझने और इस पर विचार करने की ज़रूरत है। ध्यान से सोचने और सुधार करने की ज़रूरत है।

विधानसभा चुनाव के परिणाम को लेकर उन्होंने कहा कि कहना तो नहीं चाहिए, लेकिन यह लोकतंत्र को मजबूत करने का मामला है। कहीं न कहीं लोकतंत्र कमजोर है और मजबूत नहीं दिखता।

आपको बता दें कि १४ नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव का परिणाम घोषित किया गया। एनडीए ने २०२ सीट जीतकर ऐतिहासिक जनादेश हासिल किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि राजनीतिक दलों को पराजय के बाद अपनी कमजोरियों को पहचानने की जरूरत है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार चुनाव में एनडीए ने कितनी सीटें जीतीं?
एनडीए ने 202 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जनादेश हासिल किया।
महागठबंधन की हार के पीछे मुख्य कारण क्या हैं?
अति आत्मविश्वास और टिकट बंटवारा जैसे कारणों को हार का मुख्य कारण बताया गया है।
साधु यादव ने क्या कहा?
साधु यादव ने कहा कि आत्मचिंतन की आवश्यकता है और हार के कारणों पर विचार करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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