बिहार में रबर डैम से पानी छोड़े जाने पर फल्गु नदी में मछलियों की लूट

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बिहार में रबर डैम से पानी छोड़े जाने पर फल्गु नदी में मछलियों की लूट

सारांश

गयाजी में फल्गु नदी ने रबर डैम से छोड़े गए पानी के कारण एक नया मोड़ लिया है। लोग मछली पकड़ने के लिए उमड़ पड़े हैं। जानिए इस विचित्र घटना के पीछे की कहानी।

Key Takeaways

  • फल्गु नदी में पानी छोड़े जाने से मछलियों की संख्या में वृद्धि हुई है।
  • प्रशासन ने नदी के तल में जाने के खिलाफ चेतावनी दी है।
  • स्थानीय लोग मछली पकड़ने में लगे हुए हैं, जिससे उत्सव का माहौल बन गया है।
  • जल के स्तर में कमी आने से प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है।
  • रबर डैम की सफाई के लिए प्रशासन द्वारा कदम उठाए जा रहे हैं।

गयाजी, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। फल्गु नदी पिछले तीन दिनों से अचानक चर्चा का केंद्र बन गई है। कारण है रबर डैम से छोड़ा गया पानी। जैसे ही पानी छोड़ा गया, नदी का दृश्य ही बदल गया। शनिवार सुबह, नदी के प्रवाह में मछली पकड़ने की होड़ शुरू हो गई। बच्चे से लेकर बड़े तक जाल, टोकरी और हाथों से मछलियाँ पकड़ने में व्यस्त हो गए। जो जितनी मछली पकड़ रहा, वह उतनी ही खुशी से उसे एकत्र कर रहा है। फिर से पानी में उतरने का सिलसिला जारी है। पूरे क्षेत्र में मेले और उत्सव का माहौल बन गया है। बच्चों के शोर से नदी गुलजार है।

असल में, जिला प्रशासन ने रबर डैम की सफाई के लिए 3 अप्रैल की रात को पानी डाउनस्ट्रीम में छोड़ने का निर्णय लिया था। जैसे ही शुक्रवार रात पानी छोड़ा गया, शनिवार को इसका असर दिखाई देने लगा। पानी के साथ बड़ी संख्या में मछलियाँ बहकर नीचे आईं। इस खबर के फैलते ही लोग नदी की ओर दौड़ पड़े।

फल्गु नदी एक बरसाती नदी है। मानसून में जो पानी डैम के अपस्ट्रीम में जमा होता है, उसका उपयोग पूरे साल तर्पण और पिंडदान के लिए किया जाता है। लेकिन मार्च के बाद जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगता है। इस समय लाखों श्रद्धालुओं द्वारा प्रवाहित किए गए पिंड और पूजा सामग्री के कारण पानी में प्रदूषण की समस्या बढ़ जाती है। देवघाट और आसपास के घाटों पर दुर्गंध भी बढ़ जाती है। इससे शहर की प्रतिष्ठा पर खतरा मंडराने लगता है।

इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने शेष पानी को डाउनस्ट्रीम में छोड़ने का निर्णय लिया। ताकि आगामी मानसून 2026 से पहले डैम और घाटों की उचित सफाई की जा सके। जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन मिलकर इस कार्य को पूरा करेंगे।

हालांकि, प्रशासन ने इस दौरान सख्त चेतावनी भी जारी की है। स्पष्ट रूप से कहा गया है कि संगत घाट, ब्राह्मणी घाट और डाउनस्ट्रीम के इलाकों में कोई भी व्यक्ति नदी के तल में न जाए। ताकि किसी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना न हो।

इसके बावजूद, लोग लगातार नदी में उतर रहे हैं। बच्चे पानी के बीच मछलियाँ पकड़ते दिख रहे हैं। ऐसे में खतरे की आशंका भी बनी हुई है।

Point of View

लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन की चेतावनियाँ भी अहम हैं।
NationPress
08/04/2026

Frequently Asked Questions

फल्गु नदी में मछलियाँ क्यों बहकर आईं?
रबर डैम से पानी छोड़ने के कारण मछलियाँ बहकर आईं।
क्या प्रशासन ने कोई चेतावनी जारी की है?
हाँ, प्रशासन ने नदी के तल में न जाने की सख्त चेतावनी दी है।
फल्गु नदी का जलस्तर कब घटता है?
मार्च के बाद जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगता है।
इस घटना से क्षेत्र में क्या माहौल है?
यहाँ मेले और उत्सव का माहौल है।
क्या यह घटना स्थानीय लोगों के लिए लाभकारी है?
हाँ, यह घटना स्थानीय लोगों के लिए मछली पकड़ने का अवसर प्रदान कर रही है।
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