क्या बिहार में मतदाता सत्यापन अभियान राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाने का माध्यम है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या बिहार में मतदाता सत्यापन अभियान राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाने का माध्यम है?

सारांश

बिहार में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सत्यापन अभियान शुरू किया गया है। उपेंद्र कुशवाहा ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे राजनीतिक लाभ के लिए लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। जानिए इस अभियान का क्या महत्व है और क्यों इसे सहयोग की जरूरत है।

मुख्य बातें

मतदाता सत्यापन अभियान का उद्देश्य वास्तविक मतदाताओं की पहचान करना है।
विपक्षी दलों को इस प्रक्रिया में सहयोग देना चाहिए।
आयुष्मान कार्ड गरीब परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवा का एक महत्वपूर्ण साधन है।
बिहार सरकार निरंतर रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है।
सभी को इस अभियान का समर्थन करना चाहिए।

पटना, 28 जून (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनावों से पहले, चुनाव आयोग घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इस मुद्दे पर सियासी गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने शनिवार को कहा कि विपक्षी दल लोग को भ्रमित कर चुनाव में लाभ उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए कोई आपत्ति नहीं उठानी चाहिए।

उपेंद्र कुशवाहा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि विपक्षी दल सरकार पर आरोप लगाकर लोगों को भ्रमित कर चुनाव में लाभ लेना चाहते हैं। चुनाव आयोग ने हमेशा सत्यापन किया है। कई लोग ऐसे हैं जो माइग्रेट कर गए हैं और उनका नाम सूची में है। कुछ फर्जी मतदाता भी हैं। ऐसे लोगों की पहचान के लिए चुनाव आयोग हर घर जाकर मतदाता का सत्यापन करेगा और उनके नाम सूची से हटा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान पर किसी तरह की आपत्ति नहीं होनी चाहिए। चुनाव आयोग के इस प्रयास में सहयोग करना चाहिए, राजनीतिक लाभ के लिए आपत्ति नहीं उठानी चाहिए।

सत्यापन अभियान पर सांसद असदुद्दीन ओवैसी के 'पीछे के दरवाजे से एनआरसी लाने की कोशिश' वाले बयान पर उन्होंने कहा कि सत्यापन अभियान को एनआरसी से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। एनआरसी और वोटर लिस्ट का सत्यापन दो अलग-अलग चीजें हैं।

आयुष्मान कार्ड का उल्लेख करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, "प्रधानमंत्री द्वारा आम लोगों के लिए आयुष्मान कार्ड लॉन्च किया गया है। इसके तहत उन परिवारों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलता है जो स्वास्थ्य सेवा का खर्च नहीं उठा सकते। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हों। इसके लिए शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह एक बहुत अच्छी पहल है और लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए। इसके लिए जागरूकता बढ़ानी चाहिए।"

पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र बांटने के मुद्दे पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बिहार सरकार निश्चित रूप से लोगों को रोजगार और नौकरी दे रही है। विभिन्न विभागों में यह प्रक्रिया लगातार चल रही है। मुख्यमंत्री का यह कदम सराहनीय है, जिससे लोगों को लाभ मिल रहा है।

पूर्व मंत्री ने पश्चिम बंगाल में लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटनाओं को शर्मनाक बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पश्चिम बंगाल सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इस घटना की जितनी निंदा की जाए कम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह जरूरी है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। मतदाता सत्यापन अभियान का उद्देश्य वास्तविक मतदाताओं की पहचान करना है। राजनीतिक दलों को इस प्रक्रिया में सहयोग देना चाहिए ताकि लोकतंत्र मजबूत हो।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मतदाता सत्यापन अभियान का उद्देश्य क्या है?
मतदाता सत्यापन अभियान का उद्देश्य वास्तविक मतदाताओं की पहचान करना और फर्जी मतदाताओं को हटाना है।
उपेंद्र कुशवाहा का इस अभियान पर क्या कहना है?
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि विपक्षी पार्टियां लोगों को भ्रमित कर चुनाव में लाभ लेना चाहती हैं।
क्या एनआरसी और मतदाता सत्यापन एक ही चीज हैं?
नहीं, एनआरसी और मतदाता सत्यापन अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।
आयुष्मान कार्ड का क्या महत्व है?
आयुष्मान कार्ड गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सेवा में सहायता प्रदान करता है।
बिहार सरकार रोजगार के लिए क्या कर रही है?
बिहार सरकार विभिन्न विभागों में लोगों को रोजगार और नौकरी प्रदान कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 26 मिनट पहले
  2. 36 मिनट पहले
  3. 57 मिनट पहले
  4. 58 मिनट पहले
  5. 59 मिनट पहले
  6. 1 घंटा पहले
  7. 1 घंटा पहले
  8. 1 घंटा पहले