नीतीश कुमार का नेतृत्व बिहार के विकास का प्रतीक, स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा नाम: कृष्ण कुंतल
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार का नेतृत्व बिहार के लिए एक मिसाल है।
- भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।
- कृष्ण कुंतल ने कहा कि बिहार में एनडीए की सरकार बनी रहेगी।
- भाजपा के पास नए नेतृत्व को तैयार करने की क्षमता है।
- नीतीश कुमार के विकास मॉडल को अपनाने की आवश्यकता है।
छपरा, २ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर चर्चाएँ तेज़ हो चुकी हैं। प्रदेश के नए मुखिया के लिए कई नाम चर्चा में हैं। इस बीच, भाजपा प्रवक्ता कृष्ण कुंतल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि नीतीश कुमार एनडीए के मुख्यमंत्री हैं और भविष्य में भी वही इस पद पर बने रहेंगे।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में कृष्ण कुंतल ने बिहार के विकास में नीतीश कुमार के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य की राजनीति का सबसे प्रमुख चेहरा नीतीश कुमार हैं। उन्होंने जोड़ा कि जब बिहार का इतिहास लिखा जाएगा, तो कुछ नेताओं के नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित होंगे, जिनमें नीतीश कुमार सबसे आगे रहेंगे। उन्होंने बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिंह का भी उल्लेख किया, यह बताते हुए कि उनके साथ-साथ नीतीश कुमार का नाम भी राज्य के विकास की कहानी में विशेष रूप से लिया जाएगा।
कृष्ण कुंतल ने कहा कि नीतीश कुमार को जो बिहार विरासत में मिला था, वह अत्यधिक पिछड़ा और बदहाल था, लेकिन उन्होंने अपने कार्यकाल में सुशासन की एक अद्भुत लकीर खींची है। आज बिहार विकास और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ चुका है, और यह उनके नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य में जो भी उनके उत्तराधिकारी बनेगा, उसे इसी विकास मॉडल और सुशासन की परंपरा को आगे बढ़ाना होगा। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सेवा और सुशासन का जो उदाहरण नीतीश कुमार ने प्रस्तुत किया है, वह केवल बिहार के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश की राजनीति के लिए एक मिसाल बनेगा। उनके अनुसार, आने वाले समय में किसी भी नेता के लिए इस मॉडल को अपनाना एक आवश्यक कदम होगा।
उत्तराधिकारी के सवाल पर कृष्ण कुंतल ने कहा कि फिलहाल नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री हैं और आगे भी बने रहेंगे। हालांकि, यदि किसी संवैधानिक स्थिति में उत्तराधिकारी चुनने की आवश्यकता पड़ी, तो एनडीए का शीर्ष नेतृत्व इस पर मिलकर निर्णय करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार में एनडीए की सरकार आज भी है और भविष्य में भी बनी रहेगी।
कुंतल ने कहा कि एनडीए के पास नेतृत्व की कोई कमी नहीं है। भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों के पास एक मजबूत नेतृत्व क्षमता है, जिससे समय आने पर सही निर्णय लिया जा सकेगा। उन्होंने इसे भाजपा की विशेषता बताया कि पार्टी लगातार नए नेतृत्व को तैयार करती है, और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।