21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या बिहार के सीएम नीतीश कुमार को बड़ा झटका लगा है? पूर्व सांसद समेत कई नेता आरजेडी में शामिल हुए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या बिहार के सीएम नीतीश कुमार को बड़ा झटका लगा है? पूर्व सांसद समेत कई नेता आरजेडी में शामिल हुए

सारांश

बिहार की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर, जहां नीतीश कुमार की जदयू को पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा और अन्य नेताओं के राजद में शामिल होने से बड़ा झटका लगा है। क्या यह नीतीश के लिए अंतिम चुनाव साबित होगा? जानिए इस घटनाक्रम के पीछे की गहराई।

मुख्य बातें

नीतीश कुमार की जदयू को बड़ा झटका लगा है।
पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने आरजेडी में शामिल होकर राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं।
तेजस्वी यादव का कहना है कि यह नीतीश का आखिरी चुनाव है।
राजद की स्थिति भूमिहार समुदाय में और मजबूत होगी।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि जदयू का गढ़ कमजोर होगा।

पटना, 10 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर चल रहे असामंजस के बीच, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल-यूनाइटेड (जेडीयू) को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और एक मौजूदा सांसद के बेटे ने शुक्रवार को पटना में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का दामन थाम लिया।

पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की उपस्थिति में औपचारिक रूप से राजद का दामन थाम लिया।

उनके साथ जहानाबाद से जदयू के पूर्व विधायक राहुल शर्मा और बांका से जदयू सांसद गिरधारी यादव के पुत्र चाणक्य प्रकाश ने भी राजद का दामन थाम लिया। राहुल शर्मा पूर्व सांसद जगदीश शर्मा के पुत्र हैं और भूमिहार समुदाय से आते हैं।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना ​​है कि उनके शामिल होने से कई भूमिहार बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में राजद की पकड़ मजबूत हो सकती है, जिन्हें लंबे समय से जेडीयू का गढ़ माना जाता है।

पटना स्थित राजद कार्यालय में आयोजित समारोह में अब्दुल बारी सिद्दीकी, जहानाबाद के सांसद सुरेंद्र यादव और बीमा भारती सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

इस अवसर पर तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उनकी सरकार को साढ़े तीन लोग नियंत्रित कर रहे हैं जो उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर कर रहे हैं।

तेजस्वी यादव ने दावा किया कि यह नीतीश कुमार का आखिरी चुनाव है। वह दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। भाजपा उनकी पार्टी को तोड़ देगी। महाराष्ट्र और झारखंड में ऑपरेशन लोटस के दौरान, उन्होंने 2022 में बिहार में भी जेडीयू को तोड़ने की यही कोशिश की थी। डर के मारे नीतीश कुमार मेरे पास आए और अपनी पार्टी बचाने के लिए मदद मांगी। हमने उनका समर्थन किया और उन्हें मुख्यमंत्री बनाया, लेकिन उन्होंने हमें फिर से धोखा दिया।

पार्टी में नए सदस्यों का स्वागत करते हुए तेजस्वी ने कहा कि संतोष कुशवाहा कुशवाहा समुदाय के एक प्रमुख नेता हैं। उनके शामिल होने से राजद सीमांचल क्षेत्र में और मजबूत हो जाएगा, जहां पहले हमारा प्रभाव सीमित था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संतोष कुशवाहा का आरजेडी में शामिल होना क्यों महत्वपूर्ण है?
यह कदम जदयू के लिए एक बड़ा झटका है, विशेषकर भूमिहार समुदाय में राजद की स्थिति को मजबूत करेगा।
नीतीश कुमार की स्थिति अब कैसी है?
नीतीश कुमार को अपनी पार्टी और राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले