क्या बिहार में ‘समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार’ अभियान के तहत उद्योग वार्ता कार्यक्रम आयोजित हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- नवादा जिले में औद्योगिक गतिविधियों का प्रोत्साहन।
- युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करना।
- निवेश को बढ़ावा देने की योजनाएं।
- सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी।
- औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाना।
नवादा, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के नवादा में सोमवार को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में राज्य सरकार की सात निश्चय–3 योजना के अंतर्गत “समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार” अभियान के तहत उद्योग वार्ता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश सहित अन्य पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवादा जिले में औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना, निवेश को बढ़ावा देना तथा उद्यमियों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना रहा। बैठक के दौरान उद्योगों की स्थापना, संचालन एवं विस्तार से संबंधित विभिन्न विषयों पर उद्यमियों के साथ गहन विचार-विमर्श किया गया।
जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में बताया कि साल 2015 में राज्य सरकार द्वारा सात निश्चय–1, वर्ष 2020 में सात निश्चय–2 तथा वर्ष 2025 में सात निश्चय–3 लागू किया गया है। सात निश्चय–3 के अंतर्गत एक प्रमुख निश्चय संख्या–2: ‘समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार’ है। इस निश्चय के माध्यम से राज्य में उद्योगों के तीव्र विकास, बिहार को पूर्वी भारत के एक नए प्रौद्योगिकी केंद्र एवं विश्व स्तरीय कार्यक्षेत्र के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया गया है। इसके अंतर्गत प्रतिष्ठित उद्योगपतियों के साथ-साथ बिहार के युवाओं को भी राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना, नए बड़े उद्योगों के लिए निःशुल्क भूमि एवं आकर्षक अनुदान की व्यवस्था की जा रही है तथा राज्य में कम से कम 50 लाख करोड़ रुपए के निजी निवेश को सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही, उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग निदेशालय का गठन किया गया है। स्थानीय उत्पादों के निर्यात एवं बाजार विकास के उद्देश्य से बिहार विपणन प्रोत्साहन प्राधिकरण की स्थापना का भी निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त, पुरानी बंद चीनी मिलों को चरणबद्ध रूप से पुनः चालू करने तथा नई चीनी मिलों की स्थापना का भी संकल्प लिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि नवादा जिला अंतर्गत रजौली प्रखंड के भड़रा क्षेत्र में एक औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की जा रही है, जिसका भूमि अधिग्रहण कार्य प्रगति पर है। भविष्य में यहां एक सुव्यवस्थित औद्योगिक जोन विकसित किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र, नवादा के परियोजना प्रबंधक अमित विक्रम भारद्वाज द्वारा पीपीटी के माध्यम से बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज–2025 (बीआईआईपीपी–2025) के अंतर्गत उपलब्ध अनुदान, सब्सिडी एवं अन्य प्रोत्साहन सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही रजौली प्रखंड में चिन्हित औद्योगिक क्षेत्र के विकास, आधारभूत संरचना एवं निवेश की संभावनाओं से भी उद्यमियों को अवगत कराया गया।
उद्योग वार्ता के क्रम में पुष्प अंजुरी प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर रजनीकांत पांडेय ने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बिहार सरकार द्वारा प्रदत्त सीड फंड (10 लाख रुपए) से उन्होंने अपना व्यवसाय प्रारंभ किया। इसके साथ ही उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र, नवादा में विद्युत आपूर्ति एवं जल निकासी से संबंधित समस्याओं तथा कादिरगंज, नवादा अंतर्गत बुनकरों को आ रही विभिन्न व्यावहारिक कठिनाइयों की जानकारी जिला पदाधिकारी को दी।
जिला पदाधिकारी ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उद्यमियों द्वारा विपणन, ब्रांडिंग, गुणवत्ता संवर्धन, पैकेजिंग, वित्तीय सहायता एवं परिवहन व्यवस्था से संबंधित चुनौतियां भी प्रस्तुत की गईं, जिनके निराकरण हेतु जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया गया।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला भूअर्जन पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी, वरीय उपसमाहर्ता, कार्यपालक अभियंता (विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, नवादा एवं रजौली), श्रम अधीक्षक, जिला योजना पदाधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, नवादा के पदाधिकारी-कर्मी तथा जिले के विभिन्न उद्यमी एवं मीडिया कर्मिगण उपस्थित रहे।