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क्या बिहार में अल्पसंख्यकों के कल्याण और विकास के लिए नीतीश सरकार प्रतिबद्ध है?: अशोक चौधरी

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क्या बिहार में अल्पसंख्यकों के कल्याण और विकास के लिए नीतीश सरकार प्रतिबद्ध है?: अशोक चौधरी

सारांश

बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री अशोक चौधरी ने विपक्ष के आरोपों का करारा जवाब देते हुए अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। जानें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की योजनाएं और उनके प्रभावशाली परिणाम।

मुख्य बातें

अल्पसंख्यक समुदाय का सामाजिक और आर्थिक विकास सरकार की प्राथमिकता है।
नीतीश कुमार ने प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
सरकार ने मदरसों का सरकारीकरण किया है।
अल्पसंख्यक छात्रों के लिए छात्रावास बनाए गए हैं।
बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो विकास की दिशा में संकेत करता है।

पटना, 21 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री अशोक चौधरी ने प्रदेश सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के कल्याण और विकास के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए विपक्ष के आरोपों का सख्त जवाब दिया।

उन्होंने बताया कि राज्य की आबादी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अल्पसंख्यक समुदाय से है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की प्रति व्यक्ति आय को ₹7,000 से बढ़ाकर ₹66,000 किया है और अगले पांच वर्षों में इसे ₹1,00,000 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। सरकार का विशेष ध्यान अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास पर है। बिहार में मदरसों का एक शताब्दी पुराना इतिहास है और ये समाज में दीपक की तरह रोशनी फैलाते हैं। नीतीश सरकार ने हजारों मदरसों को सरकारीकरण किया है और चरणबद्ध तरीके से अन्य मदरसों को भी सरकारीकरण की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि 1,647 मदरसों के सरकारीकरण की प्रक्रिया प्रगति पर है। यह कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। अल्पसंख्यक समुदाय का राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विकास हमारी सरकार की प्राथमिकता है। अल्पसंख्यक छात्रों के लिए छात्रावास का निर्माण किया गया है और पटना के मदरसों में लड़कियों को आधुनिक शिक्षा, जैसे विज्ञान और कंप्यूटर की पढ़ाई, उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का उद्देश्य हाशिए पर रहे लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना और उनके लिए एक उज्जवल भविष्य का निर्माण करना है।

अशोक चौधरी ने कहा, “विपक्ष के समय में अपराधी बेलगाम थे और मुख्यमंत्री आवास में क्या होता था, यह प्रदेश की जनता को पता है। सीएम नीतीश कुमार अल्पसंख्यक बच्चों को शिक्षित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रहे हैं।”

उन्होंने बजट में उल्लेखनीय वृद्धि के बारे में बताते हुए कहा कि नीतीश सरकार ने जब सत्ता संभाली थी, तब अल्पसंख्यक कल्याण का बजट मात्र ₹3 करोड़ था, लेकिन अब यह बढ़कर ₹1,000 करोड़ हो गया है। अल्पसंख्यक कल्याण के बजट को कई गुना बढ़ाया गया है, जो विकास के प्रति सीएम नीतीश कुमार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

राजद नेता तेजस्वी यादव के बयान पर अशोक चौधरी ने व्यंग्य करते हुए कहा, “वह हमारी चिंता छोड़कर अपनी चिंता करें। हम अपने नेता की चिंता करने में सक्षम हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर कांग्रेस अकेले होती तो हम वहां संघर्ष करते। लालू प्रसाद यादव का झोला ढोने के लिए अशोक चौधरी राजनीति में नहीं हैं।”

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राज्य की सामाजिक समरसता भी बढ़ेगी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए क्या योजनाएं हैं?
बिहार सरकार ने मदरसों का सरकारीकरण, छात्रावास निर्माण और आधुनिक शिक्षा की पहल की है।
नीतीश कुमार की सरकार का अल्पसंख्यकों के लिए बजट कितना है?
नीतीश सरकार ने अल्पसंख्यक कल्याण के लिए बजट को ₹1,000 करोड़ तक बढ़ाया है।
अल्पसंख्यक छात्रों को क्या सुविधाएं दी जा रही हैं?
अल्पसंख्यक छात्रों के लिए छात्रावास और आधुनिक शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
क्या अल्पसंख्यक कल्याण सरकार की प्राथमिकता है?
हां, अल्पसंख्यक समुदाय का विकास नीतीश सरकार की प्राथमिकता है।
अशोक चौधरी ने विपक्ष पर क्या प्रतिक्रिया दी?
अशोक चौधरी ने विपक्ष के आरोपों का सख्त जवाब देते हुए अपनी सरकार के कार्यों का विवरण दिया।
राष्ट्र प्रेस
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