क्या बिहार में गृह विभाग के अधिकारी सप्ताह में दो दिन जनता से मिलकर समस्याएं सुनेंगे?
सारांश
Key Takeaways
पटना, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के गृह विभाग के अधिकारी अब सप्ताह में दो दिन आम जनता के साथ संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान सुनेंगे। यह कार्यक्रम आम जनता की समस्याओं को सुनने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से संबंधित शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए है।
दरअसल, सात निश्चय-3 के अंतर्गत सबका सम्मान-जीवन आसान (ईज ऑफ लिविंग) कार्यक्रम की शुरुआत सोमवार से की गई। राज्य के सभी विभागों और जिला स्तर के कार्यालयों में हर सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा।
गृह विभाग की जनसुनवाई सरदार पटेल भवन में सुबह 11 बजे से 1 बजे तक और शुक्रवार को 3 बजे से 5 बजे तक होगी। इस दौरान विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
अगर अपर मुख्य सचिव मौजूद नहीं हैं, तो अन्य नामित अधिकारी लोगों की समस्याएं सुनेंगे। जनसुनवाई में आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता और शिकायत से संबंधित जानकारी रजिस्टर में दर्ज की जाएगी। उन्हें संबंधित अधिकारी के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए गृह विभाग की विशेष सचिव के. सुहिता अनुपम द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि जनसुनवाई के दौरान आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री सचिवालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी विभागों और जिला स्तर के कार्यालयों के संबंधित अधिकारियों को इस कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से बनाए गए वेब पोर्टल पर निबंधन, शिकायतों का ऑनलाइन विवरण अपलोड करने और शिकायतों पर की गई कार्रवाई की अद्यतन स्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।