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क्या बिहार में जमीन संबंधी लंबित मामलों का तेजी से निपटान हो रहा है?

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क्या बिहार में जमीन संबंधी लंबित मामलों का तेजी से निपटान हो रहा है?

सारांश

पटना में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के सख्त तेवरों के चलते बिहार में जमीन से जुड़े लंबित मामलों का तेजी से निपटान हो रहा है। प्रशासन ने छुट्टियां रद्द कर दी हैं और सभी कर्मचारियों को अपने क्षेत्रों में उपस्थित रहने का आदेश दिया है। जानिए कैसे यह कदम प्रभावी होगा।

मुख्य बातें

लंबित मामलों का त्वरित निपटारा डीसीएलआर और राजस्व कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द सख्त आदेशों के माध्यम से भूमि सुधार में सुधार लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सार्वजनिक हित में त्वरित निर्णय

पटना, 23 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में जमीन से जुड़े लंबित मामलों के समाधान के लिए उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा की सख्त नीति का प्रभाव अब पटना में भी स्पष्ट दिखने लगा है।

पटना जिला प्रशासन ने लंबित मामलों के त्वरित निपटारे हेतु डीसीएलआर से लेकर सभी राजस्व कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। सारण जिला प्रशासन ने भी इस दिशा में कदम उठाए हैं।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री सिन्हा भूमि संबंधी मामलों के समाधान में सक्रिय हैं। उन्होंने जनसंवाद के माध्यम से विभाग में लंबित मामलों और अधिकारियों की लापरवाही के बारे में स्पष्ट संदेश दिया है कि लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है।

मंत्री के इस सख्त रुख के बाद, पटना के जिलाधिकारी ने मंगलवार को आदेश दिया कि भूमि सुधार उप समाहर्ता, पटना, सभी अंचलाधिकारी एवं राजस्व पदाधिकारी और राजस्व कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्र में उपस्थित रहना अनिवार्य है। आदेश में कहा गया है कि राजस्व संबंधी कार्यों के समय पर निष्पादन के मद्देनजर 23 दिसंबर से 31 दिसंबर तक छुट्टियों पर रोक लगाई जाती है।

यदि किसी पदाधिकारी को इस अवधि में छुट्टी की स्वीकृति दी गई है, तो उसे तुरंत प्रभाव से अस्वीकृत किया जाएगा। सारण जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने परिमार्जन प्लस और दाखिल खारिज से संबंधित सभी लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। 75 दिन से अधिक समयावधि के म्युटेशन के लंबित मामलों का अगले 10 दिनों में निपटारा किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सभी अंचलों में प्रतिनियुक्त सभी राजस्व कर्मचारी प्रतिदिन सरकारी भवन में उपस्थित रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। किसी भी परिस्थिति में कोई भी राजस्व कर्मचारी निजी भवन में नहीं बैठेगा और न ही निजी भवन में कार्य करेगा, अन्यथा संबंधित राजस्व कर्मचारी के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का यह कदम बिहार में भूमि सुधार के लिए आवश्यक है। प्रशासनिक सख्ती से न केवल लापरवाह अधिकारियों पर दबाव बनेगा, बल्कि आम जनता को भी न्याय मिलने की संभावना बढ़ेगी। यह कदम राज्य में प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक मजबूत पहल है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में जमीन संबंधी मामलों का निपटान कब शुरू हुआ?
यह प्रक्रिया 23 दिसंबर से शुरू हुई, जब उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सख्त कदम उठाए।
क्या सभी राजस्व कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं?
हां, सभी राजस्व कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं ताकि वे अपने क्षेत्र में उपस्थित रह सकें।
सरकार ने इस कदम का उद्देश्य क्या बताया है?
सरकार का उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करना और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई करना है।
राष्ट्र प्रेस
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