क्या रामकृपाल यादव ने राजद पर परिवारवाद का आरोप लगाया? अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष क्या लालू परिवार से ही होगा?
सारांश
Key Takeaways
- परिवारवाद का आरोप
- तेजस्वी यादव की संभावित अध्यक्षता
- भाजपा में पारदर्शिता
- राजद का अंदरूनी मामला
- राजनीतिक उठापटक की चर्चा
पटना, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के मंत्री और भाजपा नेता रामकृपाल यादव ने गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर सीधा हमला किया। उन्होंने तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की संभावनाओं पर सवाल उठाते हुए परिवारवाद का गंभीर आरोप लगाया।
रामकृपाल यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "जल्द ही राजद की राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक होने वाली है, जिसमें संभावना है कि विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। भाजपा और राजद दोनों को देखिए। भाजपा में कोई एक व्यक्ति दो पद नहीं रख सकता है। जेपी नड्डा के बाद पार्टी के नए अध्यक्ष की जिम्मेदारी नितिन नवीन को मिली है। भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष उस व्यक्ति को बनाया गया है, जो साधारण परिवार से है। कोई सोच भी नहीं सकता था कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसी बड़ी जिम्मेदारी के लिए पटना के 45 वर्षीय एक युवा को चुना जाएगा। यह केवल भाजपा में ही संभव है।"
उन्होंने आगे कहा, "वहीं दूसरी तरफ, राष्ट्रीय जनता दल में लालू यादव बुजुर्ग हो चुके हैं और उनकी तबीयत भी ठीक नहीं है। ऐसे में उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद में बदलाव होना निश्चित है, जो जल्द ही होने वाला है। क्या राजद में इतनी हिम्मत है कि वे अपने ही यादव समाज से किसी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना देंगे, जो उनके परिवार से अलग हो?"
रामकृपाल यादव ने कहा, "उनके यहां एक ही परिवार के अलावा किसी और को पार्टी का अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा। जब लालू यादव इस पद को नहीं संभाल सकते, तो वे अपने पुत्र को इसकी जिम्मेदारी सौंप रहे हैं। वो भी बड़े बेटे को नहीं, बल्कि छोटे बेटे को। यह सब स्पष्ट है। वे नेता प्रतिपक्ष हैं और उपमुख्यमंत्री भी बने थे। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष भी वही बनेंगे।"
उन्होंने स्पष्ट किया, "यह उनके परिवार का अंदरूनी मामला है। इसमें क्या चल रहा है, हम नहीं जानते। हम सभी जानकारी मीडिया के माध्यम से ही प्राप्त कर रहे हैं। उनके परिवार से हमारा कोई संपर्क नहीं है। यह उनके घर का मामला है और दूसरों को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। यह उचित नहीं है।"