क्या विश्व आर्थिक मंच 2026 में एमएमआरडीए ने 26 अरब अमेरिकी डॉलर के समझौते ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए?
सारांश
Key Takeaways
- एमएमआरडीए ने 26 अरब अमेरिकी डॉलर के दो निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
- टाटा समूह के साथ 11 अरब अमेरिकी डॉलर की साझेदारी।
- भारत–स्विट्जरलैंड सहयोग के तहत 15 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश।
- मुंबई को एक वैश्विक प्रतिस्पर्धी गंतव्य के रूप में स्थापित करना।
- गुणवत्तापूर्ण रोजगार के नए अवसरों का सृजन।
दावोस, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक (डब्ल्यूईएफ) 2026 के तीसरे दिन, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में 26 अरब अमेरिकी डॉलर के दो महत्वपूर्ण निवेश समझौता ज्ञापनों पर औपचारिक दस्तखत किए। इन समझौतों के साथ, एमएमआरडीए की विकास रणनीति भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एकीकृत आर्थिक इकोसिस्टम की दिशा में स्पष्ट रूप से आगे बढ़ती दिखाई दी।
इन समझौता ज्ञापनों में टाटा समूह के साथ 11 अरब अमेरिकी डॉलर की कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीक और नवाचार साझेदारी शामिल है, जिसके अंतर्गत नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट एक इनोवेशन सिटी का विकास किया जाएगा। इसके अलावा, भारत–स्विट्जरलैंड सहयोग के अंतर्गत 15 अरब अमेरिकी डॉलर की सतत औद्योगिक विकास पहल को भी अंतिम रूप दिया गया है।
इन दोनों साझेदारियों के माध्यम से, मुंबई महानगर क्षेत्र को उन्नत विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, और टिकाऊ औद्योगिक विकास के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विश्व आर्थिक मंच 2026 में सुनिश्चित की गई 226.65 अरब अमेरिकी डॉलर की निवेश प्रतिबद्धताएं पूरी तरह से इसी वर्ष के समझौता ज्ञापनों से संबंधित हैं, जो पिछले वर्ष डब्ल्यूईएफ में एमएमआरडीए द्वारा जुटाए गए 40 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में एक महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाती हैं। कुल 24 समझौता ज्ञापनों (13 निवेश एवं 11 रणनीतिक साझेदारियां) के माध्यम से यह उपलब्धि प्राप्त हुई है।
इस अवसर पर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “महाराष्ट्र आज भारत के अगले आर्थिक रूपांतरण के चरण में अग्रिम पंक्ति में खड़ा है। टाटा समूह के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर में 11 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश सुनिश्चित कर रहे हैं, जिससे नवाचार और डिजिटल क्षमताओं को तेज गति मिलेगी। वहीं भारत–स्विट्जरलैंड सहयोग के जरिए मुंबई महानगर क्षेत्र में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं और सततता पर आधारित औद्योगिक विकास को मजबूती मिल रही है। 26 अरब अमेरिकी डॉलर की यह प्रतिबद्धता केवल इमारतों या ढांचों में किया गया निवेश नहीं है, बल्कि यह हमारे युवाओं, हमारी अर्थव्यवस्था और वैश्विक विकास की धुरी के रूप में महाराष्ट्र की भूमिका में किया गया दीर्घकालिक निवेश है।”
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं एमएमआरडीए के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने कहा, “दावोस में हुई ये साझेदारियां महाराष्ट्र और मुंबई महानगर क्षेत्र के पुनर्गठन को लेकर एमएमआरडीए के विजन पर वैश्विक स्तर पर बने मजबूत भरोसे को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। स्विट्जरलैंड के नवाचार, हरित तकनीकों और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर को हम एकीकृत करते हुए लोगों को केंद्र में रखकर औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित कर रहे हैं। ये निवेश नए विकास क्षेत्रों के द्वार खोलेंगे, गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर पैदा करेंगे और राज्य के लिए एक सक्षम, भविष्य-तैयार और स्थिर अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे।”
डॉ. संजय मुखर्जी, भा.प्र.से., एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त ने कहा कि एमएमआरडीए के 51 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है, जब विश्व आर्थिक मंच में प्राधिकरण ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मोर्चे पर रिकॉर्डतोड़ परिणाम हासिल किए हैं। तीन दिनों में 24 समझौता ज्ञापनों के माध्यम से कुल 226.65 अरब अमेरिकी डॉलर की निवेश प्रतिबद्धताएं सुनिश्चित हुई हैं। आज हुए दो समझौते अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से आगे बढ़कर उद्देश्य-आधारित और एकीकृत आर्थिक इकोसिस्टम की ओर स्पष्ट बदलाव को दर्शाते हैं। भारत–स्विट्जरलैंड सहयोग के तहत स्विस नवाचार, सततता और वैश्विक विनिर्माण की सर्वोत्तम प्रथाओं को उन्नत औद्योगिक विकास से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि टाटा समूह के साथ साझेदारी के जरिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार और अनुसंधान एवं विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, कोर उद्योगों तथा पर्यटन जैसे क्षेत्रीय विकास क्षेत्रों को समेटने वाला बहुआयामी निवेश ढांचा तैयार किया जा रहा है। इन पहलों के माध्यम से एकीकृत औद्योगिक पार्क, लॉजिस्टिक्स और मजबूत ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा, गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर पैदा होंगे और मुंबई महानगर क्षेत्र को सतत विकास तथा बेहतर जीवन गुणवत्ता के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।