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क्या बीजद ने भाजपा विधायक संतोष खटुआ के अपमानजनक बयानों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर विरोध मार्च निकाला?

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क्या बीजद ने भाजपा विधायक संतोष खटुआ के अपमानजनक बयानों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर विरोध मार्च निकाला?

सारांश

बीजद ने भाजपा विधायक के अशोभनीय बयानों के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन किया है। इस प्रदर्शन का उद्देश्य न केवल उस विधायक का विरोध करना है, बल्कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर ध्यान आकर्षित करना भी है। क्या यह आंदोलन भाजपा को अपनी नीति बदलने के लिए मजबूर करेगा?

मुख्य बातें

बीजद ने भाजपा विधायक के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
महिलाओं के खिलाफ अपराध की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई गई है।
विरोध प्रदर्शन में स्नेहांगिनी छुरिया का नेतृत्व महत्वपूर्ण रहा।
भाजपा को अपनी नीति में बदलाव लाने की आवश्यकता है।
यह आंदोलन महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

भुवनेश्वर, 10 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बीजू जनता दल (बीजद) ने बुधवार को भाजपा विधायक संतोष खटुआ द्वारा की गई आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियों और राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि पर पूरे ओडिशा में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व वरिष्ठ नेता और बीजद महिला विंग की प्रभारी स्नेहांगिनी छुरिया ने किया। छुरिया ने भाजपा विधायक के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की।

छुरिया ने विरोध मार्च के दौरान समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "लेखाश्री सामंतसिंहर के बारे में भाजपा विधायक संतोष खटुआ का बयान न केवल अश्लील और अरुचिकर है, बल्कि सभ्य समाज में बेहद अपमानजनक और अस्वीकृत भी है। जब राज्य विधानसभा में एक निर्वाचित प्रतिनिधि की ओर से ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणी आती है, तो यह और भी शर्मनाक है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।"

छुरिया ने अपने ही विधायक के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए भाजपा नेतृत्व की आलोचना की। उन्होंने कहा, "महिलाओं के खिलाफ इस तरह के अपमानजनक बयान के बावजूद, भाजपा ने न तो माफी मांगी है और न ही संतोष खटुआ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। यह महिलाओं के प्रति पार्टी की असली मानसिकता को उजागर करता है।"

बीजद महिला विंग ने महिला पुलिस थाने और राज्य महिला आयोग को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। छुरिया ने कहा, "हमने शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन यह निराशाजनक है कि न तो भाजपा और न ही राज्य नेतृत्व ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कोई कदम उठाया है। विधायक को अब तक सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए था।"

ओडिशा में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए छुरिया ने कहा, "आज महिलाओं के खिलाफ बलात्कार और हिंसा के मामले चिंताजनक रूप से बढ़ रहे हैं। ओडिशा में औसतन एक दिन में 15 महिलाओं के साथ दुष्‍कर्म होता है। नाबालिग लड़कियों के साथ क्रूरता की जा रही है, महिलाओं की हत्या की जा रही है, फिर भी भाजपा इन मुद्दों पर चुप है। और इससे भी बदतर, उनके विधायक महिलाओं के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के बयान न केवल सभी महिलाओं का बल्कि उनकी माताओं, बहनों और यहां तक कि महिला पार्टी कार्यकर्ताओं का भी अपमान करते हैं। उन्होंने कहा, "इसलिए हमने आज यह विरोध मार्च निकाला। यह आंदोलन तो बस शुरुआत है। अगर भाजपा विधायक को पार्टी और विधानसभा से निष्कासित नहीं करती है, तो हम इस आंदोलन को गांवों से दिल्ली तक ले जाएंगे।"

बीजद ने संतोष खटुआ को उनके विधायक पद से तत्काल हटाने और भाजपा से उन्हें निलंबित करने की मांग की है। छुरिया ने कहा, "जब तक कार्रवाई नहीं होती, हमारी लड़ाई जारी रहेगी।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि हो रही है। यह आवश्यक है कि सभी राजनीतिक दल अपने सदस्यों के बयानों को गंभीरता से लें और उचित कार्रवाई करें। केवल इसी तरह हम समाज में एक सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीजद का विरोध मार्च किस कारण से था?
बीजद का विरोध मार्च भाजपा विधायक संतोष खटुआ द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों और राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की बढ़ती संख्या के खिलाफ था।
स्नेहांगिनी छुरिया ने क्या कहा?
स्नेहांगिनी छुरिया ने विधायक के बयान की कड़ी निंदा की और भाजपा नेतृत्व की आलोचना की कि उन्होंने कार्रवाई नहीं की।
राष्ट्र प्रेस
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