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क्या ओडिशा में बीजद ने पूर्व मंत्री प्रफुल्ल मलिक को पार्टी से निलंबित किया?

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क्या ओडिशा में बीजद ने पूर्व मंत्री प्रफुल्ल मलिक को पार्टी से निलंबित किया?

सारांश

ओडिशा की राजनीति में एक बड़ा कदम, बीजद ने पूर्व मंत्री प्रफुल्ल मलिक को अनुशासनहीनता के चलते निलंबित किया। क्या यह कदम पार्टी की एकता को बनाए रखने में सफल होगा? जानिए इस मामले के पीछे का सच और राजनीतिक हलचल।

मुख्य बातें

बीजद ने प्रफुल्ल मलिक को अनुशासनहीनता के लिए निलंबित किया।
यह कदम पार्टी के सिद्धांतों की रक्षा के लिए उठाया गया है।
मलिक ने पार्टी में 24 वर्षों तक सेवा की।
पार्टी की एकता बनाए रखने की आवश्यकता है।
बीजद महिलाओं, किसानों और बच्चों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

भुवनेश्वर, 12 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। बीजू जनता दल (बीजद) ने कामाख्यानगर के पूर्व विधायक प्रफुल्ल कुमार मलिक को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पार्टी की अनुशासन समिति ने यह कठोर कदम प्रफुल्ल कुमार के बार-बार अनुशासनहीन व्यवहार के बाद उठाया।

यह निर्णय बीजद के आंतरिक अनुशासन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच एकता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बीजद नेता लेनिन मोहंती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "प्रफुल्ल मलिक ने 24 वर्षों तक पार्टी में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने 1995 से 2019 तक लगातार चार बार कामाख्यानगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में जीत हासिल की और ओडिशा सरकार में खनन, इस्पात और अन्य विभागों में मंत्री के रूप में कार्य किया। मलिक ने पार्टी के लिए कई जिम्मेदारियां निभाईं और एक समय नवीन पटनायक के नेतृत्व में बीजद के प्रबल समर्थक रहे, लेकिन पिछले डेढ़ साल में उनका आचरण पार्टी के सिद्धांतों और नीतियों के विपरीत रहा।"

उन्होंने यह भी बताया कि प्रफुल्ल मलिक को कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने पार्टी के नियमों का उल्लंघन जारी रखा। सूत्रों के अनुसार, मलिक ने हाल के महीनों में अन्य राजनीतिक दलों के साथ अनौपचारिक संपर्क बढ़ाए और स्थानीय स्तर पर पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बयानबाज़ी की, जिससे संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा। अनुशासन समिति ने इसे गंभीरता से लेते हुए निलंबन का निर्णय लिया। मोहंती ने कहा, "यह निलंबन पार्टी विरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए एक कड़ा संदेश है। बीजद कार्यकर्ता एकजुट हैं और जनता के हित में काम कर रहे हैं।"

मोहंती ने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और जनता की सेवा में जुटे रहने की अपील की। उन्होंने कहा, "बीजद का ध्यान महिलाओं की सुरक्षा, किसानों के कल्याण और बच्चों के विकास जैसे मुद्दों पर केंद्रित है। पिछले डेढ़ साल में शासन में कुछ चुनौतियां रहीं, लेकिन ओडिशा की जनता नवीन पटनायक के नेतृत्व में बीजद की वापसी चाहती है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह निलंबन बीजद के अनुशासन को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पार्टी की आंतरिक एकता और कार्यकर्ताओं की एकजुटता को बनाए रखना आवश्यक है। हालांकि, यह देखना होगा कि क्या यह निर्णय ओडिशा की राजनीति में स्थायी बदलाव लाएगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रफुल्ल मलिक को क्यों निलंबित किया गया?
प्रफुल्ल मलिक को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के कारण निलंबित किया गया है।
क्या प्रफुल्ल मलिक ने पार्टी के लिए योगदान दिया है?
जी हां, उन्होंने 24 वर्षों तक पार्टी के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
बीजद का अगला कदम क्या होगा?
बीजद पार्टी के अनुशासन को बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करेगी और कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने के लिए प्रेरित करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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