कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट पर भाजपा सरकार को कठोर कदम उठाने चाहिए: रविदास मेहरोत्रा
सारांश
Key Takeaways
- कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का खुलासा
- रविदास मेहरोत्रा ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाए
- स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर सवाल
- सरकार को तुरंत कार्रवाई करने की आवश्यकता
- नक्सलवाद और आतंकवाद पर सरकार के दावों की आलोचना
लखनऊ, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का खुलासा होने के बाद, समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ने यूपी की भाजपा सरकार पर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह रैकेट स्वास्थ्य विभाग के संरक्षण में सक्रिय था।
सपा नेता ने लखनऊ में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में यह भी कहा कि पूरे प्रदेश में एक विशाल रैकेट चल रहा है, जिसमें गरीब लोगों की किडनी खरीदकर उन्हें अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में यह अवैध धंधा स्वास्थ्य विभाग की मदद से चल रहा है। यह बेहद दुखद है कि स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा सरकार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट के मामले का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत और कठोर कदम उठाने चाहिए।
वंदे मातरम गीत पर सपा नेता ने टिप्पणी की कि जो लोग इस गीत के दौरान खड़े होते हैं, उन्हें इसे सही से सुनना चाहिए। यदि वे इसके बोल नहीं गुनगुनाते हैं, तो उन्हें वहां से हट जाना चाहिए।
नक्सलवाद पर चर्चा करते हुए, सपा नेता ने कहा कि सरकार केवल दावे करती है कि नक्सलवाद समाप्त हो गया है, जबकि देश के कई हिस्सों में यह अभी भी जारी है। केंद्रीय सरकार का यह कहना कि आतंकवाद और नक्सलवाद समाप्त हो गए हैं, केवल जनता को गुमराह करने का प्रयास है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सेना पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर रही थी, तब सरकार ने सीजफायर क्यों किया? गृहमंत्री अमित शाह नक्सलवाद पर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, जो जनता को मुख्य मुद्दों से भटकाने का प्रयास है।
सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर के मामले में हुई सुनवाई पर सपा नेता ने कहा कि चुनाव आयोग को निष्पक्षता से कार्य करना चाहिए, लेकिन आयोग ने एसआईआर के माध्यम से व्यापक स्तर पर लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने का काम किया है, जो एक साजिश प्रतीत होती है।