मध्य प्रदेश में रेलवे की पुरानी इमारत गिरने से एक व्यक्ति की जान गई, दूसरा घायल
सारांश
Key Takeaways
- एक व्यक्ति की मौत और अन्य घायल हुए।
- जर्जर इमारत के गिरने की घटना।
- राहत कार्य में स्थानीय लोगों ने मदद की।
- पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की जांच शुरू।
- सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल उठे।
खंडवा, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के तीन पुलिया क्षेत्र में एक बेहद दुखद घटना घटी, जब कबाड़ निकालने के दौरान एक पुरानी और जर्जर रेलवे इमारत अचानक ढह गई। इस घटना में एक रेलवे कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।
यह घटना तब हुई जब रेलवे कर्मचारियों की एक टीम उस पुरानी इमारत से कबाड़ निकालने का कार्य कर रही थी। अचानक, इमारत का एक बड़ा हिस्सा गिर गया और कर्मचारी मलबे में दब गए।
स्थानीय निवासियों और सहकर्मियों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। जेसीबी मशीन की सहायता से मलबा हटाकर फंसे हुए कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। हालांकि, मास्टर क्राफ्ट्समैन शशिकांत को निकाला गया लेकिन वह अपनी चोटों के कारण पहले ही दम तोड़ चुके थे।
दूसरा कर्मचारी, वीरेंद्र, गंभीर रूप से घायल हुआ और उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) मौके पर पहुंचे। खंडवा कोतवाली पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर घटना के कारणों की गहन जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली पुलिस के इंचार्ज ने बताया कि यह भी जांच की जा रही है कि कबाड़ निकालने से पहले सुरक्षा मानकों का पालन किया गया या नहीं। उन्होंने कहा, "यह इमारत स्पष्ट रूप से जर्जर स्थिति में थी, और यह सवाल उठता है कि इतनी सावधानी क्यों नहीं बरती गई।"
एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि पुरानी रेलवे इमारतें अक्सर छिपे हुए खतरे के साथ आती हैं। उन्होंने कहा, "हम पूरे डिविजन में इसी प्रकार की पुरानी इमारतों का संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट करेंगे। वर्तमान में प्राथमिकता घायल कर्मचारी का इलाज और मृतक कर्मचारी के परिवार को सहायता प्रदान करना है।"
रेलवे विभाग और जिला प्रशासन ने मिलकर एक टीम बनाई है जो इमारत के ढहने के वास्तविक कारणों की जांच करेगी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि यदि लापरवाही पाई गई, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।